शापित वचन : 1 Haunted Haveli, Dark Powers और मौत की रहस्यमयी Horror Story

Haunted Haveli कार धीरे-धीरे सुनसान सड़क पर दौड़ रही थी। हवा बिल्कुल शांत हो चुकी थी। काली सड़क पर सूखे पत्ते ऐसे घिसट रहे थे मानो कोई अदृश्य शक्ति उन्हें खींच रही हो।

Haunted Haveli

नितेश सावधानी से मोड़ पर कार घुमा रहा था। उसके बगल वाली सीट पर रुद्र गर्दन टेढ़ी किए गहरी नींद में सोया था। सामने के शीशे से चांदनी कार के भीतर उतर रही थी और कभी-कभी पेड़ों की शाखाओं की परछाइयाँ कार पर गिर रही थीं।

घना कोहरा जंगल में धीरे-धीरे फैल रहा था। जंगल के भीतर से कीड़ों और रात में घूमने वाले जानवरों की डरावनी आवाजें आ रही थीं।

नितेश थोड़ा डरा हुआ जरूर था, लेकिन अब उसे इन सब चीजों की आदत हो चुकी थी।

अचानक…

खर्रर्र….

बंद पड़ा Radio अचानक तेज कर्कश आवाज के साथ चालू हो गया।

Haunted Haveli

नितेश जोर से चौंक गया और रुद्र की नींद टूट गई।

“अरे… क्या कर रहा है? मैं सो रहा था…”, रुद्र ने आंखें मिचमिचाते हुए कहा।

“मैंने कुछ नहीं किया…”, नितेश घबराकर तुरंत Radio बंद करने लगा।

कुछ पल के लिए फिर शांति छा गई।

नितेश सोचने लगा कि बंद पड़ा Radio अचानक कैसे चालू हो गया, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला।

तभी फिर से Radio चीख उठा।

“नितेश यार बंद कर इसे!”, रुद्र चिल्लाया।

नितेश ने जल्दी से हाथ बढ़ाया, लेकिन इस बार Radio बंद ही नहीं हो रहा था।

उसी समय कार की Headlights अपने-आप जलने और बुझने लगीं।

“नितेश संभाल!!!”, रुद्र अचानक चिल्लाया।

नितेश ने घबराकर सामने देखा।

सड़क के बीचों-बीच एक काली आकृति खड़ी थी।

नितेश डर से कांप उठा। उसने Steering जोर से घुमा दिया।

कार सड़क छोड़कर जंगल की ओर भागने लगी।

“क्या कर रहा है? कार रोक!”, रुद्र चिल्लाया।

कांपती आवाज में नितेश बोला—

“म… मैं कार नहीं चला रहा… ये अपने-आप भाग रही है…”

रुद्र भी डर गया।

“बाहर कूद! जल्दी!”

रुद्र पीछे रखी अपनी Bag उठाते हुए चिल्लाया।

नितेश ने Door Handle खींचा।

“रुद्र… Door Lock हो गया है!”

रुद्र ने भी कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।

उधर कार बेकाबू होकर जंगल के भीतर दौड़ती जा रही थी।

अचानक कार उछली…

हवा में घूमी…

और जोरदार धमाके के साथ चट्टान से टकरा गई।

शीशे टूट गए।

कांच के टुकड़े नितेश के कंधे में धंस गए।

फिर कार फिसलती हुई गहरी खाई में गिरने लगी।


“आह… क्या हम मर गए?”, नितेश कराहते हुए बोला।

उसकी आंखें बंद थीं। सिर भारी लग रहा था।

“अभी जिंदा हैं… लेकिन ज्यादा देर नहीं… होश में आ!”, रुद्र बोला।

नितेश ने जैसे ही आंखें खोलीं, उसकी चीख निकल गई।

वह हवा में लटक रहा था।

रुद्र एक हाथ से Driver Seat पकड़े था और दूसरे हाथ से नितेश को पकड़े हुए था।

कार आधी खाई में झूल रही थी।

नीचे मौत से भरी गहरी खाई दिखाई दे रही थी।

कार सिर्फ एक सूखी पेड़ की शाखा के सहारे अटकी हुई थी।

“रुद्र!!!”, नितेश चीख पड़ा।

“ऊपर चढ़ जल्दी!”, रुद्र बोला।

किसी तरह नितेश कार के ऊपर चढ़ गया और पेड़ की शाखा पकड़कर ऊपर पहुंच गया।

रुद्र भी निकलने ही वाला था कि…

कड़क!!!

वह शाखा टूट गई।

कार गहरी खाई में गिर गई।

“रुद्रऽऽऽ!!!”

नितेश चीख उठा।

“मैं यहां हूं!”, ऊपर की दूसरी शाखा से लटकता रुद्र बोला।

नितेश ने तुरंत उसे ऊपर खींच लिया।

दोनों जमीन पर बैठकर हांफने लगे।

“अगर ऊपर वाली शाखा नहीं होती तो हम मर चुके होते…”, नितेश बोला।

“और अगर नीचे वाली शाखा नहीं होती, तो उससे पहले ही मर गए होते…”, रुद्र हंसते हुए बोला।

दोनों खाई से बाहर निकलकर मुख्य सड़क की ओर बढ़ गए।


Childhood Love Story | Devika And Vikas | Emotional Horror Backstory

कुछ साल पहले…

“मुझे वो Pink Doll चाहिए…”, छह-सात साल की एक बच्ची ने दुकान में रखी गुलाबी गुड़िया की तरफ उंगली उठाते हुए कहा।

“बीस रुपये की है”, दुकानदार बोला।

“लेकिन मेरे पास सिर्फ पांच रुपये हैं…”, देविका उदास होकर बोली।

“तो कल पैसे लेकर आना।”

“नहीं! मुझे अभी चाहिए!”

देविका ने अपने हाथ का छोटा सोने का कंगन उतार लिया।

दुकानदार की आंखों में लालच चमक उठा।

तभी अचानक किसी ने देविका का हाथ पकड़ लिया।

“क्या कर रहे हो तुम? इसकी कीमत पता है?”, एक लड़के ने दुकानदार से कहा।

वही लड़का था—विकास।

उसने अपनी जेब से पंद्रह रुपये निकाले और Doll खरीदकर देविका को दे दी।

देविका खुशी से झूम उठी।

“Thank You विकास!”

उसने खुशी में विकास को गले लगा लिया।

विकास का दिल तेजी से धड़कने लगा।

उस दिन पहली बार उसे प्यार महसूस हुआ।


लेकिन…

देविका के पिता विकास और उसके परिवार से नफरत करते थे।

“अगर फिर से इस तांत्रिक के बेटे के साथ दिखी तो अच्छा नहीं होगा!”, देविका के पिता उसे खींचते हुए ले गए।

देविका पीछे मुड़ी।

मुस्कुराकर हाथ हिलाया।

और उसी पल विकास के दिल में प्यार का पहला अंकुर फूट पड़ा।


Haunted Mansion Mystery | Paranormal Family Horror Story

कुछ वर्षों बाद…

रुद्र और नितेश एक बड़े पुराने Bungalow में पहुंचे।

दरवाजा खुला।

अंदर एक अजीब सन्नाटा था।

उनका स्वागत अविनाश ने किया।

घर में उसकी पत्नी नंदिनी, बेटी वैभवी, बेटा कुशाल, भाई विवेक और उसकी पत्नी रश्मि मौजूद थे।

लेकिन वहां मौजूद हर चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।

सिर्फ नंदिनी का चेहरा भावहीन था।

रुद्र ने महसूस किया—

इस घर में कुछ बहुत गलत था।


Midnight Horror Scene | Ghost Activity | Supernatural Horror

आधी रात…

अविनाश की नींद खुली।

नंदिनी बिस्तर पर नहीं थी।

हवा तेज चल रही थी।

खिड़की का पर्दा फड़फड़ा रहा था।

अचानक…

धाड़!!!

कोई दरवाजा जोर से बंद हुआ।

अविनाश डर गया।

वह Balcony की ओर बढ़ा।

नीचे Garden में दो काली आकृतियाँ खड़ी थीं।

वे एक-दूसरे को गले लगाए फुसफुसा रही थीं।

अविनाश सांस रोककर उन्हें देखने लगा।

तभी कुछ उसके ऊपर गिरा।

वह डरकर पीछे हट गया।

नीचे देखा…

एक सूखा पत्ता था।

जब उसने फिर नीचे देखा…

वह दोनों आकृतियाँ गायब थीं।


Crow Horror Scene | Dark Paranormal Incident

अगली सुबह…

पूरे घर में सड़ी हुई बदबू फैल गई।

सब लोग Kitchen की ओर भागे।

कोने में एक मरा हुआ सड़ा कौवा पड़ा था।

उसके शरीर पर कीड़े रेंग रहे थे।

अचानक…

एक जिंदा कौवा खिड़की से अंदर आया।

उसकी आंखें लाल थीं।

वह सबको घूर रहा था।

फिर अचानक…

दर्जनों कौवे Kitchen में घुस आए।

उनकी कांव-कांव से पूरा घर कांप उठा।

कुशाल डरकर भागा।

लेकिन एक कौवा उसके चेहरे पर टूट पड़ा।

अविनाश उसे बचाने दौड़ा।

तभी वह कौवा अचानक शांत हो गया।

उसकी आंखों से खून बह रहा था।

वह सीधे अविनाश को घूर रहा था।

और अगले ही पल…

कौवा जमीन पर गिर पड़ा।

तड़पता रहा…

और मर गया।

पूरा Floor खून से भर गया।

घर में मौजूद हर व्यक्ति डर से कांप रहा था।

उन्हें समझ आ चुका था—

उस Bungalow में कोई भयानक Paranormal Power जाग चुकी थी।

कुसूम ने कांपते हुए हाथों से Kitchen का दरवाज़ा खोला। दरवाज़ा चर्रर्र की आवाज़ के साथ खुला और अंदर का अंधेरा जैसे बाहर फैल गया। उसने जैसे ही अंदर झांका, काले पंख उसके चेहरे से टकराए। वे feathers अब भी हवा में उड़ रहे थे।

“कुसूम, सब ठीक है ना?” रश्मी ने दूर खड़े होकर पूछा।

“हाँ मालकिन…” कुसूम कांपती आवाज़ में बोली।

अविनाश अपनी rocking chair पर बैठ गया। उसे बहुत कमजोरी महसूस हो रही थी। उसने सामने रखा newspaper उठाया ही था कि अचानक खड़… जैसी आवाज़ उसके कानों में पड़ी। उसने ऊपर देखा। झूमर ज़ोर-ज़ोर से हिल रहा था। उसी पल पूरे घर में एक भयानक चीख गूंजी।

“आऽऽऽ!”

वैभवी सीढ़ियों से लुढ़कते हुए नीचे गिर पड़ी।

“वैभवी!” अविनाश चिल्लाया और उसकी तरफ दौड़ा। कुशाल भी उसके पीछे भागा। Kitchen से कुसूम और रश्मी दौड़कर बाहर आए। नंदिनी भी कमरे से निकल आई।

“ध्यान कहाँ था तुम्हारा? कुशाल, तुमने धक्का दिया क्या?” अविनाश गुस्से से बोला।

“नहीं बाबा… किसी ने मेरा पैर खींचा जैसे…” वैभवी दर्द से कराहते हुए बोली।

उसकी बात सुनकर सबके चेहरे उतर गए। नंदिनी वहीं जम गई।

अविनाश ने चिंतित नज़रों से उसे देखा और बोला,

“नंदिनी, इसे कमरे में ले जाओ।”

रात के खाने पर सब बैठे थे।

“ये खाना कैसा बनाया है? बिल्कुल taste नहीं है इसमें!” अविनाश गुस्से में बोला।

“दादा, खाना तो अच्छा है,” विवेक ने हैरानी से कहा। बाकी सबने भी सिर हिलाया।

“आपको क्या हो गया है? आजकल बहुत strange behave कर रहे हैं,” नंदिनी बोली।

अविनाश गुस्से में उठकर कमरे में चला गया।

रात को Kitchen में बर्तन धोकर कुसूम बाहर निकलने लगी। उसने switch off किया और जैसे ही मुड़ी, उसे लगा किसी ने पीछे से आवाज़ दी हो। वह पलटी। कोई नहीं था।

टप… टप… पानी की बूंदें sink में गिर रही थीं। पूरा माहौल डरावनी silence से भरा था।

तभी अचानक Kitchen के अंदर से पानी के तेज़ बहने की आवाज़ आई।

“पर मैंने तो tap बंद किया था…”

वह फिर अंदर गई। नल खुला हुआ था। उसने बंद किया और ध्यान से देखने लगी। तभी दरवाज़ा अपने आप हिला।

चर्रर्र… चर्रर्र… Light अपने आप जलने-बुझने लगी।

गुर्राने जैसी आवाज़ उसके कानों में पड़ी।

उसने डरते हुए पीछे देखा। कोई नहीं था। तभी सामने रखी कटोरी अपने आप सरक गई।

और अचानक… Light बंद हो गई।

कुसूम का शरीर कांप उठा। जैसे ही वह भागने को मुड़ी, दो लाल आंखें उसके सामने चमकीं। सड़ी हुई सांस उसके चेहरे से टकराई।

“आऽऽऽऽऽ!”

उसकी चीख पूरे bungalow में गूंज उठी।

सब लोग घबराकर बाहर भागे। रश्मी ने देखा कि कुसूम रोते हुए Kitchen से रेंगती हुई बाहर आ रही थी।

“क्या हुआ?” रश्मी ने उसे संभालते हुए पूछा।

“वो… वो… Kitchen में कोई था… भूत… भूत था मालकिन!”

सबके चेहरे पीले पड़ गए।

कुशाल ने वैभवी को समझाया,

“Ghost-वोस्ट कुछ नहीं होते। ये सिर्फ अंधविश्वास है। मावशी को hallucination हुआ होगा।”

लेकिन वैभवी के दिल में डर बैठ चुका था।

रात गहरी हो चुकी थी।

ठक… ठक…

वैभवी की नींद खुली। उसने दरवाज़ा खोला। उसे लगा कुशाल के कमरे के पास कोई shadow हिली।

“कौन है?”

कोई जवाब नहीं।

वह वापस कमरे में आई। तभी उसे footsteps सुनाई दिए।

टप… टप…

उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।

अचानक उसका blanket किसी ने खींच लिया।

उधर कुशाल अपने कमरे में सो रहा था। तभी किसी ने उसे ज़ोर से पलंग से नीचे खींच लिया।

वह घबराकर उठा। पूरा कमरा अंधेरे में डूबा था।

उसने mobile की flashlight चालू की।

उसे कमरे में काला धुआँ दिखाई दिया।

तभी दरवाज़ा धीरे-धीरे खुला। एक काली shadow अंदर आई।

कुशाल डर से कांप उठा।

अचानक—

“म्याँव…”

एक काली बिल्ली अंदर आई।

कुशाल ने राहत की सांस ली।

लेकिन अगले ही पल उसकी नज़र ऊपर गई…

छत से एक औरत उल्टी लटकी हुई थी। लाल साड़ी, खुले बाल और आग जैसी लाल आंखें!

कुशाल चीख उठा।

“आऽऽऽऽ!”

पूरे घर में हड़कंप मच गया।

दरवाज़ा तोड़कर सब अंदर घुसे। कुशाल खून से लथपथ पलंग पर तड़प रहा था।

“बाबा… वो औरत… उसने मुझे नाखूनों से नोचा…” वह रोते हुए बोला।

उसके शरीर पर गहरे scratches थे।

कुसूम बोली,

“ये बहुत बड़ी भूत-प्रेत की बात है। हमें किसी tantrik को बुलाना पड़ेगा।”

अविनाश ने तुरंत किसी को phone लगाया।

“हैलो… रुद्र है क्या?”

कुछ देर बाद Rudra और उसका साथी Nitesh bungalow पहुंचे।

घर के ऊपर काले बादल छाए थे। हर तरफ कौवे मंडरा रहे थे। माहौल किसी horror movie जैसा लग रहा था।

रुद्र ने पूरे घर का निरीक्षण किया और बोला,

“यहाँ बहुत शक्तिशाली black magic हुआ है।”

(Flashback)

नदी किनारे विकास और देविका बैठे थे।

“तुम हमेशा मुझे पहचान लेते हो,” देविका मुस्कुराई।

“मैं तुमसे प्यार करता हूँ। तुम्हारी खुशबू तक पहचानता हूँ,” विकास बोला।

देविका बोली,

“शादी कब करोगे? बीस साल हो गए।”

“तुम्हारे पिता मानें तब ना…”

देविका नाराज़ होकर बोली,

“पैसा कमाओ विकास! इस दुनिया में money के बिना कुछ नहीं होता।”

कुछ समय बाद देविका के लिए एक अमीर घर से रिश्ता आया। उसकी माँ बोली,

“उस लड़के के पास बड़ा business और bungalow है। बहुत पैसा है उसके पास।”

देविका का मन डगमगाने लगा।

जब विकास को पता चला तो वह टूट गया।

“तुम्हें सिर्फ पैसा चाहिए देविका!”

लेकिन देविका ने उसे एक gold ring दी और बोली,

“मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ।”

तभी देविका के पिता रंगनाथ लोगों के साथ वहां पहुंचे और विकास को बुरी तरह पीटा।

बाद में विकास के पिता वैरा ने श्मशान में black magic ritual शुरू किया। लेकिन रंगनाथ ने उन्हें मार डाला।

अपने पिता की मौत देखकर विकास पागल हो गया। उसने बदला लेने की कसम खाई।

वर्तमान में वापस…

रुद्र ने यज्ञ शुरू किया। पूरे घर में candles जलाई गईं। सबको protective circle के अंदर बैठाया गया।

जैसे-जैसे मंत्र गूंजते गए, घर में तूफान मचने लगा। Furniture हिलने लगा। Lights बंद हो गईं।

अचानक दरवाज़ा खुला।

एक खून से सना haunted doll अंदर आया और नाचने लगा।

वैभवी डर से चीख उठी।

तभी कुणाल सामने आया। उसने लाल साड़ी पहन रखी थी और उसकी आंखें सफेद हो चुकी थीं।

वह किसी evil spirit के कब्जे में था।

कुणाल ने रुद्र पर हमला कर दिया। Chairs और table हवा में उड़ने लगे। पूरा bungalow कांप उठा।

रुद्र ने अपने मंत्रों से protection shield बनाई।

फिर उसने पवित्र जल और मंत्रों की मदद से उस आत्मा को बाहर निकाला।

एक बड़ा धमाका हुआ।

रुद्र का शरीर आग की तरह चमकने लगा। उसकी आंखों से flames निकल रही थीं।

आख़िरकार वह दुष्ट आत्मा घर छोड़कर भाग गई।

सुबह सब हॉल में इकट्ठा हुए।

रुद्र ने सच बताया।

“ये सब किसी outsider ने नहीं… बल्कि घर के ही किसी इंसान ने किया था।”

सबकी नज़र विवेक पर गई।

लेकिन रुद्र बोला,

“असली mastermind विवेक नहीं… नंदिनी है।”

सब सन्न रह गए।

“नंदिनी का असली नाम देविका है।”

रुद्र ने पूरी कहानी बताई— कैसे देविका ने पैसे के लिए अविनाश से शादी की, लेकिन अपने पुराने प्रेमी विकास को कभी नहीं भूली।

उसने विकास की मदद से black magic करवाया ताकि अविनाश मर जाए और वह सारी property लेकर विकास से शादी कर सके।

हर रात वह अविनाश को sleeping pills देती थी।

विकास ही bungalow में आता था। उसी ने haunted doll और black magic किया था।

लेकिन आखिर में वही दुष्ट शक्ति विकास को भी मार गई।

रुद्र ने वह gold ring नंदिनी के सामने फेंकी।

नंदिनी फूट-फूटकर रोने लगी।

कुछ समय बाद…

रुद्र अपनी पत्नी दक्ष के साथ बैठा था। उसने पूरी कहानी सुनाई।

दक्षा बोली,

“सिर्फ पैसे के लिए कोई इतना सब कैसे कर सकता है?”

रुद्र बोला,

“उसकी पूरी जिंदगी में सिर्फ पैसा ही सबसे बड़ा सच बन गया था। उसने गरीबी, दर्द और अपमान देखा था। इसलिए उसके लिए money ही भगवान बन गया।”

तभी रुद्र का phone बजा।

“हैलो रुद्र…” दूसरी तरफ अविनाश था।

“नंदिनी… उसने suicide कर लिया।”

रुद्र कुछ पल चुप रहा।

और इस तरह इस Horror Mystery Story का अंत हुआ।

……. समाप्त …….

Haunted House – https://en.wikipedia.org/wiki/Haunted_house

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