पहाड़ों की ठंडी हवा, हरियाली से भरे जंगल, बादलों से घिरी घाटियां और शांत वातावरण का आनंद लेने के लिए हमेशा बड़ी रकम खर्च करना जरूरी नहीं होता। भारत में कई ऐसे खूबसूरत हिल स्टेशन हैं जहां आप कम बजट में शानदार छुट्टियां बिता सकते हैं। सही योजना बनाकर यात्रा, होटल और खाने का खर्च काफी कम किया जा सकता है, जिससे आपकी ट्रिप यादगार भी बनेगी और जेब पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा।
अगर आप सोच रहे हैं कि Cheapest Hill Stations in India in Hindi कौन-कौन से हैं, तो इस गाइड में हम ऐसे हिल स्टेशनों के बारे में विस्तार से बताएंगे जहां कम खर्च में प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर, लोकल संस्कृति और शानदार मौसम का आनंद लिया जा सकता है।
Cheapest Hill Stations in India
1. कसोल (हिमाचल प्रदेश)
कसोल हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पार्वती घाटी में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद लोकप्रिय हिल स्टेशन है। पिछले कुछ वर्षों में यह जगह बैकपैकर्स, ट्रेकिंग प्रेमियों, कपल्स और प्रकृति का शांत वातावरण पसंद करने वाले यात्रियों के बीच काफी मशहूर हुई है। पार्वती नदी के किनारे बसा यह गांव ऊंचे देवदार के जंगलों, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और ताजी पहाड़ी हवा के कारण सालभर पर्यटकों को आकर्षित करता है।

अगर आपका बजट सीमित है, तो कसोल भारत के सबसे किफायती हिल स्टेशनों में से एक माना जाता है। यहां ₹500–1200 प्रति रात के बजट में अच्छे होमस्टे, हॉस्टल और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय कैफे और ढाबों में स्वादिष्ट भोजन भी उचित कीमत पर उपलब्ध होता है, जिससे पूरी यात्रा का खर्च काफी कम रहता है।
कसोल सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि आसपास मौजूद कई शानदार जगहों के लिए भी जाना जाता है। यहां से मणिकरण साहिब, चलाल गांव, तोष, कलगा, पुलगा और खेर्गंगा ट्रेक जैसी लोकप्रिय जगहों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। खासकर खेर्गंगा ट्रेक एडवेंचर पसंद करने वाले यात्रियों के बीच बेहद प्रसिद्ध है, जहां ट्रेक पूरा करने के बाद प्राकृतिक गर्म पानी के कुंड में स्नान करने का अलग ही अनुभव मिलता है।
शाम के समय पार्वती नदी के किनारे बैठकर बहते पानी की आवाज़ सुनना, छोटे-छोटे कैफे में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों का स्वाद लेना तथा पहाड़ों के बीच सुकून भरा समय बिताना कसोल की सबसे बड़ी खासियत है। यहां का शांत माहौल शहरों की भीड़भाड़ और तनाव से दूर कुछ दिन बिताने के लिए बिल्कुल उपयुक्त माना जाता है।
प्रमुख आकर्षण
- पार्वती नदी
- चलाल गांव
- तोष गांव
- मणिकरण साहिब
- कैफे कल्चर
अनुमानित बजट
- होटल: ₹500–1200
- भोजन: ₹150–400 प्रति व्यक्ति
- 2 दिन की यात्रा: ₹3500–7000
2. मैकलोडगंज (हिमाचल प्रदेश)
मैकलोडगंज हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन है। यह धर्मशाला से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अपनी तिब्बती संस्कृति, शांत वातावरण, बौद्ध मठों तथा हिमालय के मनमोहक दृश्यों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां का मौसम सालभर सुहावना रहता है, इसलिए हर मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने आते हैं।

यदि आप कम बजट में पहाड़ों की खूबसूरती, आध्यात्मिक माहौल और एडवेंचर का अनुभव लेना चाहते हैं, तो मैकलोडगंज एक शानदार विकल्प है। यहां ₹600–1500 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और हॉस्टल आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय कैफे और छोटे रेस्तरां में तिब्बती और हिमाचली व्यंजनों का स्वाद भी उचित कीमत पर लिया जा सकता है, जिससे पूरी यात्रा किफायती बनी रहती है।
मैकलोडगंज में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध स्थान हैं। दलाई लामा मंदिर (त्सुगलाखांग कॉम्प्लेक्स) यहां का सबसे लोकप्रिय आकर्षण है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इसके अलावा भागसू झरना, भागसूनाथ मंदिर, नामग्याल मठ, डल लेक, नड्डी व्यू पॉइंट और सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च भी देखने लायक जगहें हैं। रोमांच पसंद करने वालों के लिए ट्रायुंड ट्रेक सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में से एक है, जहां से धौलाधार पर्वत श्रृंखला का शानदार दृश्य देखने को मिलता है।
शाम के समय मैकलोडगंज की रंग-बिरंगी गलियों में घूमना, स्थानीय बाजार से हस्तशिल्प और तिब्बती स्मृति-चिह्न खरीदना तथा पहाड़ों के बीच बने कैफे में बैठकर गर्म कॉफी का आनंद लेना इस यात्रा को और भी यादगार बना देता है। अगर आप कम बजट में प्रकृति, संस्कृति और एडवेंचर का बेहतरीन मिश्रण चाहते हैं, तो मैकलोडगंज निश्चित रूप से आपकी यात्रा सूची में होना चाहिए।
घूमने की जगहें
- दलाई लामा मंदिर
- भागसू झरना
- नामग्याल मठ
- ट्रायुंड ट्रेक
- सेंट जॉन चर्च
अनुमानित खर्च
- होटल: ₹600–1500
- भोजन: ₹200–500
- 3 दिन का कुल बजट: ₹5000–9000
3. लैंसडाउन (उत्तराखंड)
लैंसडाउन उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित एक शांत, स्वच्छ और बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन है। समुद्र तल से लगभग 1,700 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, देवदार और चीड़ के घने जंगलों, साफ-सुथरे वातावरण तथा कम भीड़ के लिए जाना जाता है। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन सुकून और प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो लैंसडाउन एक बेहतरीन विकल्प है।

यह हिल स्टेशन खासतौर पर उन यात्रियों के लिए उपयुक्त है जो कम बजट में आरामदायक छुट्टियां बिताना चाहते हैं। यहां ₹800–1500 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। स्थानीय ढाबों और छोटे रेस्तरां में स्वादिष्ट उत्तराखंडी और उत्तर भारतीय भोजन भी किफायती कीमत पर मिल जाता है, जिससे पूरी यात्रा का खर्च काफी कम रहता है।
लैंसडाउन में घूमने के लिए कई खूबसूरत स्थान हैं। भुल्ला ताल यहां की सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक है, जहां बोटिंग और शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। टिप-इन-टॉप (टिफिन टॉप) से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। इसके अलावा सेंट मैरी चर्च, गढ़वाल राइफल्स वार मेमोरियल, दरवान सिंह संग्रहालय और भीम पकोड़ा भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। सुबह और शाम के समय जंगलों के बीच टहलना और पक्षियों की मधुर आवाज़ सुनना यहां का सबसे यादगार अनुभव माना जाता है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए लैंसडाउन एक शानदार वीकेंड डेस्टिनेशन है। यहां तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है और कम समय में भी पूरी यात्रा का आनंद लिया जा सकता है। शांत वातावरण, कम भीड़ और कम खर्च के कारण यह परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स सभी के लिए एक बेहतरीन हिल स्टेशन माना जाता है।
क्या देखें
- भुल्ला ताल
- टिप-इन-टॉप
- सेंट मैरी चर्च
- वार मेमोरियल
बजट
- होटल: ₹800–1500
- भोजन: ₹200–400
- 2 दिन का खर्च: ₹4000–8000
4. चैल (हिमाचल प्रदेश)
चैल हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित एक शांत, खूबसूरत और किफायती हिल स्टेशन है। यह शिमला से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने देवदार के जंगलों, शांत वातावरण तथा ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। यदि आप शिमला की भीड़भाड़ से दूर कम बजट में सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो चैल एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

चैल की सबसे बड़ी खासियत इसकी शांति और कम भीड़ है। यहां ₹700–1500 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय रेस्तरां और ढाबों में हिमाचली और उत्तर भारतीय भोजन भी उचित कीमत पर उपलब्ध होता है, जिससे यात्रा का कुल खर्च काफी कम रहता है। यही कारण है कि यह परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
चैल में घूमने के लिए कई आकर्षक स्थान मौजूद हैं। चैल पैलेस अपनी शानदार वास्तुकला और हरियाली से घिरे परिसर के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित विश्व का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड समुद्र तल से लगभग 2,250 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा काली का टिब्बा, चैल वन्यजीव अभयारण्य और कई खूबसूरत व्यू पॉइंट्स से हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं के शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं। सुबह की ताजी हवा, देवदार के जंगलों में सैर और शांत माहौल यहां आने वाले हर यात्री को एक अलग ही अनुभव देते हैं।
चैल उन लोगों के लिए आदर्श जगह है जो कम खर्च में प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे दिन बिताना चाहते हैं। यहां का मौसम अधिकांश समय सुहावना रहता है, इसलिए सालभर पर्यटक यहां घूमने आते हैं। यदि आपकी यात्रा का उद्देश्य भीड़ से दूर शांत वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और बजट में शानदार छुट्टियां बिताना है, तो चैल निश्चित रूप से आपकी सूची में होना चाहिए।
प्रमुख आकर्षण
- चैल पैलेस
- विश्व का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड
- काली का टिब्बा
- देवदार के जंगल
खर्च
- होटल: ₹700–1500
- भोजन: ₹200–500
- 2–3 दिन का बजट: ₹4500–8500
5. माउंट आबू (राजस्थान)
माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है, जो अरावली पर्वतमाला के बीच लगभग 1,220 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। गर्म रेगिस्तानी राज्य के बीच बसा यह खूबसूरत पर्वतीय शहर अपने ठंडे मौसम, हरियाली, शांत झीलों और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यदि आप कम बजट में प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक पर्यटन का आनंद लेना चाहते हैं, तो माउंट आबू एक बेहतरीन विकल्प है।

माउंट आबू उन यात्रियों के लिए आदर्श जगह है जो कम खर्च में आरामदायक छुट्टियां बिताना चाहते हैं। यहां ₹700–1800 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय रेस्तरां और ढाबों में राजस्थानी, गुजराती और उत्तर भारतीय भोजन उचित कीमत पर उपलब्ध होता है, जिससे पूरी यात्रा किफायती बनी रहती है। परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स सभी के बीच यह जगह काफी लोकप्रिय है।
माउंट आबू में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मौजूद हैं। नक्की झील यहां का सबसे लोकप्रिय आकर्षण है, जहां बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। गुरु शिखर, जो अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है, वहां से आसपास के पहाड़ों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर अपनी अद्भुत संगमरमर की नक्काशी के लिए जाना जाता है। सनसेट पॉइंट, हनीमून पॉइंट, पीस पार्क और टॉड रॉक भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। शाम के समय नक्की झील के किनारे घूमना और स्थानीय बाजार से खरीदारी करना यहां की यात्रा को और भी खास बना देता है।
माउंट आबू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां सालभर मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है, जिससे यह हर मौसम में घूमने के लिए उपयुक्त माना जाता है। अगर आप राजस्थान की गर्मी से राहत पाने के साथ-साथ कम बजट में यादगार हिल स्टेशन ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो माउंट आबू आपकी सूची में जरूर होना चाहिए।
घूमने योग्य स्थान
- नक्की झील
- गुरु शिखर
- दिलवाड़ा जैन मंदिर
- सनसेट पॉइंट
बजट
- होटल: ₹700–1800
- भोजन: ₹200–500
- 2 दिन का कुल खर्च: ₹4500–8500
6. पचमढ़ी (मध्य प्रदेश)
पचमढ़ी मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (पूर्व में होशंगाबाद) जिले में स्थित सतपुड़ा पर्वतमाला का एक खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है। लगभग 1,067 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, गुफाओं, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश का एकमात्र प्रमुख हिल स्टेशन होने के कारण यह प्रकृति प्रेमियों, परिवारों, कपल्स और एडवेंचर पसंद करने वाले यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है।

यदि आप कम बजट में हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक स्थलों का आनंद लेना चाहते हैं, तो पचमढ़ी एक बेहतरीन विकल्प है। यहां ₹800–1600 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। स्थानीय रेस्तरां और ढाबों में स्वादिष्ट मध्य भारतीय और उत्तर भारतीय भोजन भी उचित कीमत पर मिल जाता है, जिससे पूरी यात्रा का खर्च काफी किफायती रहता है।
पचमढ़ी में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। बी फॉल्स यहां का सबसे लोकप्रिय झरना है, जहां पर्यटक प्राकृतिक जलधारा का आनंद लेते हैं। धूपगढ़, जो सतपुड़ा पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है, सूर्योदय और सूर्यास्त के शानदार नजारों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा जटाशंकर गुफा, पांडव गुफाएं, अप्सरा विहार, रजत प्रपात (सिल्वर फॉल्स) और महादेव गुफा भी देखने योग्य स्थान हैं। घने जंगलों के बीच ट्रेकिंग, प्रकृति की सैर और पक्षियों की मधुर आवाज़ों का अनुभव यहां की यात्रा को और भी यादगार बना देता है।
पचमढ़ी का शांत वातावरण और कम भीड़ इसे उन यात्रियों के लिए आदर्श बनाती है जो शहर की भागदौड़ से दूर कुछ सुकून भरे दिन बिताना चाहते हैं। मानसून और सर्दियों के मौसम में यहां की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है। यदि आप कम बजट में मध्य भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन की यात्रा करना चाहते हैं, तो पचमढ़ी आपकी सूची में जरूर होनी चाहिए।
प्रमुख आकर्षण
- बी फॉल्स
- धूपगढ़
- जटाशंकर गुफा
- पांडव गुफाएं
बजट
- होटल: ₹800–1600
- भोजन: ₹200–450
- कुल खर्च: ₹5000–9000
7. येरकौड (तमिलनाडु)
येरकौड तमिलनाडु के शेवरॉय (Shevaroy) पर्वतों में स्थित एक शांत, खूबसूरत और बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन है। समुद्र तल से लगभग 1,515 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान अपनी ठंडी जलवायु, कॉफी के बागानों, संतरे के बगीचों, घने जंगलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। ऊटी और कोडाइकनाल की तुलना में यहां भीड़ कम होती है, इसलिए जो लोग सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।

यदि आपका बजट सीमित है, तो येरकौड कम खर्च में शानदार हिल स्टेशन ट्रिप का अनुभव देता है। यहां ₹700–1500 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय रेस्तरां में दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ उत्तर भारतीय भोजन भी उचित कीमत पर उपलब्ध होता है, जिससे पूरी यात्रा किफायती बनी रहती है। परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स सभी के लिए यह जगह उपयुक्त है।
येरकौड में घूमने के लिए कई आकर्षक स्थान मौजूद हैं। येरकौड झील यहां का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। लेडीज सीट, जेंट्स सीट और चिल्ड्रन्स सीट व्यू पॉइंट्स से आसपास की पहाड़ियों और घाटियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। इसके अलावा पगोडा पॉइंट, शेवरॉय मंदिर, किलियूर फॉल्स, बॉटनिकल गार्डन और कॉफी प्लांटेशन भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। सुबह के समय पहाड़ियों पर फैला हल्का कोहरा और कॉफी की खुशबू यहां के प्राकृतिक अनुभव को और भी खास बना देती है।
येरकौड उन यात्रियों के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन है जो कम बजट में भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच कुछ यादगार दिन बिताना चाहते हैं। सालभर सुहावना मौसम, शांत माहौल और किफायती होटल इसे दक्षिण भारत के सबसे अच्छे बजट हिल स्टेशनों में शामिल करते हैं।
देखने योग्य स्थान
- येरकौड झील
- पगोडा पॉइंट
- कॉफी प्लांटेशन
- लेडीज सीट
बजट
- होटल: ₹700–1500
- भोजन: ₹150–400
- 3 दिन का खर्च: ₹5000–8500
8. अराकू वैली (आंध्र प्रदेश)
अराकू वैली आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में पूर्वी घाट (ईस्टर्न घाट) की पहाड़ियों के बीच स्थित एक बेहद खूबसूरत और बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन है। समुद्र तल से लगभग 900 मीटर की ऊंचाई पर बसी यह घाटी अपनी हरी-भरी वादियों, कॉफी के बागानों, झरनों, जनजातीय संस्कृति और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यदि आप भीड़भाड़ से दूर प्राकृतिक सुंदरता के बीच कम बजट में छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो अराकू वैली एक शानदार विकल्प हो सकती है।
अराकू वैली की सबसे बड़ी खासियत यहां तक पहुंचने का सफर है। विशाखापट्टनम से अराकू जाने वाली ट्रेन यात्रा भारत की सबसे सुंदर रेल यात्राओं में गिनी जाती है। रास्ते में दर्जनों सुरंगें, ऊंचे पुल, गहरी घाटियां और हरियाली से ढके पहाड़ यात्रा को यादगार बना देते हैं। यही कारण है कि कई पर्यटक केवल इस ट्रेन यात्रा का अनुभव लेने के लिए भी यहां आते हैं।

कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए अराकू वैली काफी किफायती है। यहां ₹700–1400 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय रेस्तरां में दक्षिण भारतीय भोजन, जनजातीय व्यंजन और ताजा ऑर्गेनिक कॉफी का स्वाद भी उचित कीमत पर लिया जा सकता है, जिससे पूरी यात्रा का खर्च नियंत्रित रहता है।
अराकू वैली में घूमने के लिए कई आकर्षक स्थान मौजूद हैं। बोर्रा गुफाएं अपनी प्राकृतिक चूना-पत्थर की संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा कॉफी म्यूजियम, जनजातीय संग्रहालय, पड्मापुरम गार्डन, कटिकी वॉटरफॉल और आसपास के खूबसूरत व्यू पॉइंट्स भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। यहां के कॉफी बागानों में घूमना, स्थानीय जनजातीय संस्कृति को करीब से जानना और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेना इस यात्रा को खास बना देता है।
यदि आप कम खर्च में दक्षिण भारत की किसी शांत और कम भीड़ वाली पहाड़ी जगह की तलाश में हैं, तो अराकू वैली आपके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकती है। यहां की हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और सुकून भरा माहौल आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।
मुख्य आकर्षण
- बोर्रा गुफाएं
- कॉफी म्यूजियम
- जनजातीय संग्रहालय
- व्यू पॉइंट
अनुमानित बजट
- होटल: ₹700–1400
- भोजन: ₹150–400
- 3 दिन का खर्च: ₹4500–8500
9. तवांग (अरुणाचल प्रदेश)
तवांग अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी भाग में समुद्र तल से लगभग 3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक है। बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़, शांत बौद्ध मठ, साफ़ नीली झीलें और बादलों से घिरी घाटियां इसे प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद करने वाले यात्रियों के लिए एक सपनों जैसा पर्यटन स्थल बनाती हैं। हालांकि तवांग को अक्सर महंगी जगह माना जाता है, लेकिन सही योजना और बजट होटल चुनकर यहां कम खर्च में भी आरामदायक यात्रा की जा सकती है।

यदि आप पहले से होटल और परिवहन की बुकिंग कर लेते हैं, तो तवांग की यात्रा काफी किफायती हो सकती है। यहां ₹800–1800 प्रति रात के बजट में अच्छे होमस्टे, गेस्ट हाउस और छोटे होटल उपलब्ध हैं। स्थानीय रेस्तरां में तिब्बती, मोनपा और उत्तर भारतीय भोजन उचित कीमत पर मिल जाता है, जिससे यात्रा का कुल खर्च नियंत्रित रखा जा सकता है। खासकर ऑफ-सीजन में होटल के किराए और भी कम हो जाते हैं।
तवांग में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। तवांग मठ, जो भारत का सबसे बड़ा और दुनिया के सबसे बड़े बौद्ध मठों में से एक है, यहां का प्रमुख आकर्षण है। इसके अलावा सेला पास, माधुरी लेक (संगेत्सर झील), तवांग वॉर मेमोरियल, नुरानांग वॉटरफॉल और पी.टी. सो लेक भी बेहद लोकप्रिय स्थान हैं। सर्दियों में बर्फ से ढकी पहाड़ियां और गर्मियों में हरी-भरी घाटियां तवांग की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती हैं।
तवांग उन यात्रियों के लिए आदर्श डेस्टिनेशन है जो भीड़भाड़ से दूर हिमालय की शांत वादियों में कुछ यादगार दिन बिताना चाहते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध संस्कृति और रोमांचक पहाड़ी रास्ते हर यात्रा को खास बना देते हैं। यदि आप लंबी लेकिन किफायती पहाड़ी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो तवांग निश्चित रूप से आपकी ट्रैवल लिस्ट में होना चाहिए।
घूमने की जगहें
- तवांग मठ
- सेला पास
- माधुरी लेक
- युद्ध स्मारक
अनुमानित खर्च
- होटल: ₹800–1800
- भोजन: ₹200–500
- 4 दिन का बजट: ₹7000–12000
10. कुन्नूर (तमिलनाडु)
कुन्नूर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में स्थित एक शांत, खूबसूरत और बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन है। समुद्र तल से लगभग 1,850 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान अपनी हरी-भरी चाय की पहाड़ियों, ठंडी जलवायु, शांत वातावरण और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। ऊटी से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुन्नूर, ऊटी की तुलना में कम भीड़भाड़ वाला और अपेक्षाकृत सस्ता पर्यटन स्थल माना जाता है। यदि आप प्रकृति के बीच सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो कुन्नूर एक शानदार विकल्प है।

कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए कुन्नूर काफी अच्छा विकल्प है। यहां ₹700–1700 प्रति रात के बजट में अच्छे होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय रेस्तरां में दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ उत्तर भारतीय भोजन भी उचित कीमत पर उपलब्ध होता है, जिससे पूरी यात्रा का खर्च काफी नियंत्रित रहता है। परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स सभी के लिए यह जगह उपयुक्त मानी जाती है।
कुन्नूर में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। डॉल्फिन्स नोज व्यू पॉइंट से नीलगिरि की पहाड़ियों और कैथरीन फॉल्स का शानदार दृश्य दिखाई देता है। सिम्स पार्क अपनी दुर्लभ वनस्पतियों और रंग-बिरंगे फूलों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा लैम्ब्स रॉक, हिडन वैली, लॉज फॉल्स और फैले हुए चाय के बागान पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। यहां विश्व प्रसिद्ध नीलगिरि माउंटेन रेलवे (टॉय ट्रेन) की यात्रा भी बेहद लोकप्रिय है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है और रास्ते भर शानदार पहाड़ी दृश्य दिखाती है।
कुन्नूर का शांत माहौल, ठंडी हवा और हरियाली इसे दक्षिण भारत के सबसे सुंदर बजट हिल स्टेशनों में शामिल करते हैं। यदि आप कम खर्च में प्राकृतिक सुंदरता, चाय के बागानों और पहाड़ी वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं, तो कुन्नूर आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए।
प्रमुख आकर्षण
- डॉल्फिन्स नोज
- सिम्स पार्क
- चाय के बागान
- नीलगिरि ट्रेन
अनुमानित खर्च
- होटल: ₹700–1700
- भोजन: ₹200–450
- 2–3 दिन का खर्च: ₹5000–9000
सबसे कम खर्च में घूमने के टिप्स
- ऑफ-सीजन में यात्रा करें।
- होटल की बजाय होमस्टे या हॉस्टल चुनें।
- पहले से ट्रेन या बस टिकट बुक करें।
- स्थानीय भोजन करें।
- टैक्सी की बजाय साझा कैब या लोकल बस का उपयोग करें।
- एक ही क्षेत्र के कई आकर्षण पैदल या साझा वाहन से कवर करें।
किस प्रकार के यात्रियों के लिए कौन-सा हिल स्टेशन बेहतर है?
| यात्री | उपयुक्त हिल स्टेशन |
|---|---|
| बैकपैकर्स | कसोल, मैकलोडगंज |
| परिवार | चैल, लैंसडाउन, माउंट आबू |
| कपल्स | कुन्नूर, येरकौड |
| एडवेंचर | कसोल, मैकलोडगंज, तवांग |
| प्रकृति प्रेमी | पचमढ़ी, अराकू वैली |
| वीकेंड ट्रिप | लैंसडाउन, चैल |
5,000–8,000 रुपये में क्या ट्रिप संभव है?
यदि आप ट्रेन या बस से यात्रा करते हैं और बजट होटल या होमस्टे में रुकते हैं, तो 2–3 दिन की यात्रा लगभग ₹5,000–8,000 में आराम से पूरी की जा सकती है। ऑफ-सीजन में यही खर्च और भी कम हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
भारत का सबसे सस्ता हिल स्टेशन कौन-सा है?
कसोल, मैकलोडगंज, लैंसडाउन और चैल सबसे किफायती हिल स्टेशनों में गिने जाते हैं।
क्या ₹5,000 में हिल स्टेशन घूम सकते हैं?
अगर आपके शहर से दूरी कम है और आप ट्रेन या बस से यात्रा करते हैं, तो कई हिल स्टेशन ₹5,000 के भीतर घूमे जा सकते हैं।
परिवार के लिए सबसे सस्ता हिल स्टेशन कौन-सा है?
लैंसडाउन, चैल और माउंट आबू परिवार के साथ कम बजट में घूमने के लिए अच्छे विकल्प हैं।
कपल्स के लिए कौन-सा बजट हिल स्टेशन अच्छा रहेगा?
कुन्नूर, येरकौड और कसोल रोमांटिक माहौल और बजट दोनों के लिहाज से अच्छे विकल्प हैं।
ऑफ-सीजन में यात्रा करने का क्या फायदा है?
ऑफ-सीजन में होटल सस्ते मिलते हैं, भीड़ कम होती है और कई जगहों पर यात्रा का कुल खर्च 20–40% तक कम हो सकता है।
निष्कर्ष
अगर आपका बजट सीमित है, तब भी भारत के खूबसूरत पहाड़ों का आनंद लेना पूरी तरह संभव है। Cheapest Hill Stations in India की इस सूची में शामिल कसोल, मैकलोडगंज, लैंसडाउन, चैल, माउंट आबू, पचमढ़ी, येरकौड, अराकू वैली, तवांग और कुन्नूर ऐसे गंतव्य हैं जहां कम खर्च में यादगार यात्रा की जा सकती है। सही समय पर बुकिंग, बजट होटल और स्थानीय परिवहन का उपयोग करके आप अपनी ट्रिप को और भी किफायती बना सकते हैं।
India Tourism (Official)
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