बंद कुएँ की सौगंध | Hindi Horror Story
उस रात घड़ी में ठीक बारह बजकर पाँच मिनट हुए थे। आसमान पर बादलों की मोटी परत छाई हुई थी। […]
Read scary village horror stories in Hindi filled with mystery, paranormal incidents, ghosts, and terrifying rural legends.
उस रात घड़ी में ठीक बारह बजकर पाँच मिनट हुए थे। आसमान पर बादलों की मोटी परत छाई हुई थी। […]
बरसात का मौसम खत्म हुए मुश्किल से दो हफ्ते हुए थे। गांव की कच्ची गलियों में अभी भी जगह-जगह नमी
शहर के बीचों-बीच स्थित “रंगमहल ऑडिटोरियम” कभी देश के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों में गिना जाता था। यहां बड़े-बड़े शास्त्रीय
जुलाई का महीना शुरू होते ही पूरे शहर का मिजाज बदल गया था। लगातार तीन दिनों से बादल बिना रुके
रात के ठीक 1 बजकर 48 मिनट पर होटल के कमरे की छत से किसी भारी चीज़ के घिसटने की
दिन में देवपुरा गांव बिल्कुल साधारण दिखाई देता था। मिट्टी के घर, पुराने पीपल और बरगद के पेड़, खेतों के
सूरज अभी पूरी तरह निकला भी नहीं था, लेकिन पहाड़ियों से घिरे छोटे-से गांव कचनापुर में लोगों की दिनचर्या शुरू
शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित विशाल कॉर्पोरेट पार्क रात के समय बिल्कुल अलग दुनिया जैसा लगता था। दिन में
हमारे इलाके में एक अजीब कहावत बहुत सालों से चली आ रही थी। “रात के बाद अगर सड़क किनारे कोई
हमारे इलाके से लगभग दस किलोमीटर दूर एक पुराना गाँव था—खैरापुर। गाँव छोटा था, लेकिन उसके बारे में एक बात