Scary Night Drive | मैंने Highway पर किसी की हँसी सुनी

BY SCARY CROCODILE TEAM

मैंने Highway पर किसी की हँसी सुनी हाईवे पर गाड़ी चलाते समय इंसान बहुत सी आवाज़ें सुनता है। ट्रकों के हॉर्न, हवा की सीटी, इंजन की घरघराहट, टायरों की रगड़, कभी-कभी किसी ढाबे से आती तेज़ Music की आवाज़।

लेकिन उस रात मैंने जो आवाज़ सुनी थी, वह इनमें से कोई नहीं थी।

वह हँसी थी। Scary Night Drive

Scary Night Drive

और सबसे डरावनी बात यह थी कि वह हँसी कहीं बाहर से नहीं, बल्कि मेरी गाड़ी के बिल्कुल पास से आई थी।

उस समय रात काफी आगे बढ़ चुकी थी। मैं नागपुर से इंदौर की तरफ जा रहा था। एक private company में Field Engineer की job करता था और अक्सर लंबी Highway Trips करनी पड़ती थीं। दिनभर एक Factory Site पर काम करने के बाद मैं देर से निकला था।

शुरुआत में सब सामान्य था।

Highway लगभग खाली था। कभी-कभार कोई Truck सामने से निकल जाता या पीछे से तेज़ी से Overtake कर जाता।

गाड़ी में हल्का Music चल रहा था और मैं लगातार Drive कर रहा था।

करीब दो घंटे बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं काफी थक चुका हूँ।

आंखों में जलन होने लगी थी।

मैंने सोचा अगले ढाबे पर रुककर Coffee पी लूंगा।

लेकिन अगले कई किलोमीटर तक कोई ढाबा दिखाई नहीं दिया।

सड़क दोनों तरफ से जंगलों और सूखे खेतों के बीच से गुजर रही थी।

मोबाइल Network भी कमजोर पड़ने लगा था।

GPS बार-बार Signal Lost दिखा रहा था।

मुझे यह सब थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि इस Route पर मैं पहले भी कई बार आ चुका था।

फिर भी मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

मैं बस जल्दी से जल्दी होटल पहुंचना चाहता था।

कुछ देर बाद अचानक मेरी नजर सड़क के किनारे खड़े एक आदमी पर पड़ी।

वह बिल्कुल स्थिर खड़ा था।

सफेद शर्ट।

काला पैंट।

और चेहरा अंधेरे में छिपा हुआ।

मैंने गाड़ी की Speed कम नहीं की।

रात में सुनसान Highway पर किसी अजनबी के लिए रुकना समझदारी नहीं होती।

मैं उसके पास से निकल गया।

लेकिन जैसे ही गाड़ी आगे बढ़ी, मुझे Rear View Mirror में कुछ अजीब दिखाई दिया।

वह आदमी अभी भी उसी दिशा में देख रहा था।

सीधे मेरी तरफ।

जबकि अब मैं उससे काफी दूर निकल चुका था।

मैंने Mirror से नजर हटा ली।

खुद को समझाया कि शायद थकान की वजह से मुझे सब अजीब लग रहा है।

लेकिन कुछ मिनट बाद पहली बार वह आवाज़ सुनाई दी।

“हहहहह…”

बहुत धीमी।

जैसे किसी ने कान के पास फुसफुसाकर हँसी हो।

मैं चौंक गया।

तुरंत Music बंद किया।

गाड़ी के अंदर सन्नाटा छा गया।

मैंने चारों तरफ देखा।

कोई नहीं।

पीछे की सीट खाली।

सामान वही रखा था जो शाम को रखा था।

मैंने खुद से कहा शायद बाहर से कोई आवाज़ आई होगी।

फिर Drive जारी रखी।

लेकिन अब मेरे भीतर बेचैनी पैदा हो चुकी थी।

करीब दस मिनट बाद वही हँसी फिर सुनाई दी।

इस बार थोड़ी साफ।

“हहहहह…”

मेरे हाथ Steering पर कस गए।

मैंने तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोकी।

Engine बंद किया।

बाहर निकल आया।

चारों तरफ गहरा अंधेरा था।

दूर तक कोई वाहन नहीं।

कोई इंसान नहीं।

कोई घर नहीं।

Scary Night Drive

सिर्फ हवा।

और पेड़ों की हल्की सरसराहट।

मैंने Torch On की।

सड़क के दोनों ओर रोशनी डाली।

कुछ भी नहीं।

लेकिन तभी मुझे सड़क के किनारे मिट्टी में कुछ दिखाई दिया।

जूतों के निशान।

कई सारे।

ऐसा लग रहा था जैसे कोई लंबे समय तक वहीं खड़ा रहा हो।

मैं कुछ सेकंड उन्हें देखता रहा।

फिर वापस गाड़ी में बैठ गया।

अब मैं जल्दी से जल्दी किसी आबादी वाले इलाके तक पहुंचना चाहता था।

लेकिन जैसे ही मैंने गाड़ी स्टार्ट की, Dashboard पर अचानक एक Error Warning दिखाई दी।

“Rear Door Open”

मैंने पीछे मुड़कर देखा।

दरवाजा पूरी तरह बंद था।

मैंने उतरकर दोबारा Check किया।

सब ठीक था।

फिर भी Warning हट नहीं रही थी।

कुछ मिनट बाद अपने आप गायब हो गई।

यह दूसरी अजीब घटना थी।

अब मेरी घबराहट बढ़ने लगी थी।

करीब आधे घंटे बाद मुझे एक पुराना ढाबा दिखाई दिया।

मैंने राहत की सांस ली।

ढाबे पर सिर्फ दो Truck खड़े थे।

अंदर एक बुजुर्ग आदमी Counter पर बैठा था।

मैंने Coffee Order की।

वह मुझे ध्यान से देखने लगा।

फिर बोला,

“किधर से आ रहे हो?”

मैंने Route बताया।

उसका चेहरा अचानक गंभीर हो गया।

“रास्ते में कोई मिला था क्या?”

मैंने हंसकर कहा,

“एक आदमी दिखा था सड़क किनारे।”

उसने तुरंत पूछा,

“सफेद शर्ट?”

मेरे हाथ रुक गए।

मैंने हां में सिर हिलाया।

कुछ सेकंड तक वह कुछ नहीं बोला।

फिर धीरे से बोला,

“रात में अगर वही आदमी दिखे तो कभी मत रुकना।”

मेरे शरीर में ठंडक दौड़ गई।

मैंने पूछा,

“क्यों?”

वह बोला,

“पांच साल पहले उसी Highway पर Accident हुआ था। एक आदमी घंटों मदद के लिए खड़ा रहा। कोई नहीं रुका। सुबह उसकी लाश मिली थी।”

मैं चुप हो गया।

ऐसी कहानियां अक्सर सुनने को मिलती हैं।

मैंने उसे अंधविश्वास समझकर नजरअंदाज कर दिया।

Coffee खत्म की और वापस निकल पड़ा।

लेकिन अब Highway पहले जैसा नहीं लग रहा था।

हर अंधेरा मोड़ डरावना लग रहा था।

हर पेड़ किसी छाया जैसा।

हर Reflection किसी चेहरे जैसा।

करीब एक घंटे बाद मैं फिर उसी तरह के सुनसान इलाके में पहुंच गया।

और तभी अचानक गाड़ी के अंदर जोरदार हँसी गूंजी।

इस बार इतनी तेज़ कि मेरा दिल उछल पड़ा।

“हहहहहहहहहहहहहह…”

यह आवाज़ साफ पीछे की सीट से आई थी।

मैंने घबराकर ब्रेक मार दिया।

गाड़ी सड़क पर फिसलती हुई रुक गई।

मैंने पीछे देखा।

सीट खाली थी।

लेकिन एक चीज़ बदली हुई थी।

जो बैग मैंने पीछे रखा था, वह अब सीट के दूसरे कोने में पड़ा था।

जैसे किसी ने उसे खिसकाया हो।

मेरे हाथ कांपने लगे।

मैंने तुरंत मोबाइल निकाला।

Network नहीं।

एक भी Signal नहीं।

मैंने गाड़ी दोबारा स्टार्ट की और पूरी Speed से आगे बढ़ने लगा।

अब मैं सिर्फ इस जगह से निकलना चाहता था।

लेकिन कुछ किलोमीटर बाद मुझे सड़क पर वही आदमी फिर दिखाई दिया।

इस बार वह Highway के बीचोंबीच खड़ा था।

मैंने तुरंत Horn बजाया।

वह नहीं हिला।

मैंने Brake लगाया।

गाड़ी उसके सामने रुक गई।

वह धीरे-धीरे सिर उठाने लगा।

और पहली बार मैंने उसका चेहरा देखा।

चेहरे पर कुछ नहीं था।

सिर्फ अंधेरा।

जैसे वहां चेहरा था ही नहीं।

मेरा पूरा शरीर सुन्न पड़ गया।

अगले ही पल वह गायब हो गया।

बिल्कुल गायब।

जैसे कभी था ही नहीं।

मैंने तुरंत Accelerator दबाया।

गाड़ी तेजी से आगे निकल गई।

लेकिन कुछ सेकंड बाद फिर वही हँसी सुनाई दी।

इस बार मेरे कान के बिल्कुल पास।

इतनी पास कि मुझे किसी की सांस महसूस हुई।

मैं चीख पड़ा।

Steering पर पकड़ छूट गई।

गाड़ी सड़क से उतरकर कच्चे हिस्से में चली गई।

किसी तरह नियंत्रण संभाला।

और तभी सामने मुझे रोशनी दिखाई दी।

एक छोटा पुलिस Check Post।

मैं लगभग भागता हुआ वहां पहुंचा।

दो पुलिसकर्मी बैठे थे।

उन्होंने मुझे पानी दिया।

मैंने पूरी घटना बताई।

दोनों एक-दूसरे को देखने लगे।

उनमें से एक बोला,

“तुम पहले आदमी नहीं हो जिसने यह बात बताई है।”

मैंने पूछा,

“मतलब?”

उसने बताया कि पिछले कई वर्षों में कई Drivers ने उसी Highway पर अजीब हँसी सुनने की शिकायत की थी।

कुछ लोगों ने सफेद शर्ट वाला आदमी भी देखने का दावा किया था।

लेकिन कोई प्रमाण कभी नहीं मिला।

उन्होंने मुझे वहीं कुछ देर आराम करने को कहा।

मैं लगभग एक घंटा वहां बैठा रहा।

धीरे-धीरे डर कम होने लगा।

मुझे लगने लगा शायद यह सब Stress और थकान का असर था।

फिर मैंने आगे बढ़ने का फैसला किया।

अब सुबह होने में ज्यादा समय नहीं बचा था।

सड़क पर हल्की रोशनी दिखने लगी थी।

सब कुछ सामान्य लग रहा था।

मैंने राहत की सांस ली।

शायद डर खत्म हो चुका था।

लेकिन तभी मेरे मोबाइल में अचानक Network वापस आ गया।

फोन में एक Notification आया।

Unknown Audio File Received.

मैं हैरान रह गया।

मैंने कोई File Receive नहीं की थी।

जिज्ञासा में Audio Play कर दिया।

कुछ सेकंड तक सिर्फ Static Noise सुनाई दी।

फिर अचानक वही हँसी।

वही डरावनी हँसी।

जो पूरी रात मेरा पीछा कर रही थी।

और उसके बाद एक धीमी आवाज़ सुनाई दी।

“इस बार बच गए…”

मेरे हाथ से फोन गिर गया।

गाड़ी सड़क पर डगमगाने लगी।

मैंने किसी तरह खुद को संभाला।

जब दोबारा फोन उठाया तो Audio File गायब थी।

कहीं नहीं थी।

ना Gallery में।

ना Downloads में।

ना Recent Files में।

जैसे वह कभी आई ही नहीं।

उस घटना को आज कई साल हो चुके हैं।

मैं अब भी Highway Travel करता हूँ।

लेकिन एक नियम कभी नहीं तोड़ा।

रात में किसी सुनसान Highway पर अकेले Drive नहीं करता।

और अगर मजबूरी में करना पड़े…

तो Rear View Mirror में ज्यादा देर तक नहीं देखता।

क्योंकि कभी-कभी मुझे अब भी लगता है कि पीछे की सीट पर कोई बैठा है।

शांत।

स्थिर।

और सही मौके का इंतजार कर रहा है।

कभी-कभी गाड़ी में अचानक हल्की-सी हँसी भी सुनाई देती है।

बहुत धीमी।

इतनी धीमी कि कोई दूसरा शायद सुन भी न पाए।

लेकिन मैं सुन लेता हूँ।

क्योंकि मैं उस आवाज़ को पहचानता हूँ।

वह उसी Highway की हँसी है।

और मुझे आज भी नहीं पता…

उस रात वह मेरे साथ गाड़ी में कब बैठा था।

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