Horror Story in Hindi – Chapter 1: The Lonely Highway

Horror Story in Hindi – यह कहानी एक सुनसान हाईवे, भूतिया हवेली और उसके आखिरी कमरे के डरावने रहस्य की है।
बारिश लगातार हो रही थी।
पूरी सड़क सुनसान थी।
रात के लगभग 12:30 AM हो चुके थे, जब निखिल की car अचानक बंद हो गई।
उसने ignition कई बार try किया, लेकिन engine start ही नहीं हुआ।
“Seriously… आज ही खराब होना था?” उसने frustration में कहा।
उसने mobile निकाला।
No Network.
चारों तरफ सिर्फ अंधेरा और बारिश की आवाज़ थी।
तभी उसकी नज़र सड़क से थोड़ी दूर बनी एक पुरानी Haveli पर गई।
एक विशाल Old Mansion
टूटी हुई balcony…
काले पड़े हुए walls…
और सबसे अजीब बात—
पूरी हवेली अंधेरे में थी,
सिर्फ ऊपर एक room में light जल रही थी।
निखिल के पास दूसरा कोई option नहीं था।
वह अपना bag लेकर हवेली की तरफ बढ़ गया।
जैसे-जैसे वह करीब जा रहा था, उसे अजीब cold feeling होने लगी।
Horror Story in Hindi – भूतिया हवेली का रहस्य Chapter 2 – The Caretaker

Main gate आधा खुला हुआ था।
उसने धीरे से आवाज़ लगाई—
“Hello… कोई है?”
कुछ सेकंड तक silence रहा।
फिर ऊपर से एक भारी आवाज़ आई—
“अंदर आ जाइए… बाहर safe नहीं है।”
निखिल ने ऊपर देखा।
सीढ़ियों के पास एक बूढ़ा आदमी खड़ा था।
सफेद कुर्ता।
हाथ में lantern।
और उसकी आँखें… बेहद अजीब थीं।
“मैं देवेंद्र हूँ,” उसने कहा।
“Caretaker of this Haveli.”
निखिल ने राहत की साँस ली।
“मेरी car खराब हो गई है। क्या मैं tonight यहाँ रुक सकता हूँ?”
“ज़रूर,” देवेंद्र बोला।
“लेकिन एक बात याद रखिएगा…”
“क्या?”
देवेंद्र कुछ पल चुप रहा।
फिर धीरे से बोला—
“ऊपर आख़िरी कमरे के पास मत जाइएगा।”
निखिल हल्का सा हँसा।
“Why? Haunted Room है क्या?”
लेकिन देवेंद्र नहीं हँसा।
उसने सिर्फ इतना कहा—
“कुछ doors कभी open नहीं करने चाहिए।”
Horror Story in Hindi – भूतिया हवेली का रहस्य Chapter 3 – The Upper Floor

देवेंद्र उसे ऊपर एक guest room में ले गया।
कमरा surprisingly साफ था।
एक wooden bed…
पुरानी अलमारी…
और सामने बड़ी window।
लेकिन पूरे कमरे में अजीब ठंड फैली हुई थी।
निखिल ने jacket पहनी और खिड़की से बाहर देखने लगा।
बारिश अब और तेज़ हो चुकी थी।
तभी…
उसे ऊपर से किसी के चलने की आवाज़ सुनाई दी।
टक…
टक…
टक…
जैसे कोई धीरे-धीरे walk कर रहा हो।
निखिल ने ceiling की तरफ देखा।
“ऊपर कोई और भी है?”
नीचे से देवेंद्र की आवाज़ आई—
“Ignore कीजिए… और room से बाहर मत निकलिए।”
लेकिन इंसान की सबसे dangerous habit क्या होती है?
Curiosity.
और वही गलती निखिल ने भी की।
करीब 2:00 AM वह धीरे से room से बाहर निकला।
पूरा corridor अंधेरे में डूबा हुआ था।
गलियारे के आखिर में ऊपर जाने वाली सीढ़ियाँ थीं।
वही upper floor…
जहाँ जाने से देवेंद्र ने मना किया था।
## Chapter 4 – The Black Door

निखिल धीरे-धीरे stairs चढ़ने लगा।
ऊपर पहुँचते ही उसे महसूस हुआ कि यहाँ की हवा नीचे से कहीं ज्यादा cold थी।
पूरा floor dark था।
सिर्फ आख़िरी room के नीचे से हल्की yellow light बाहर आ रही थी।
दरवाज़ा काला था।
बाकी सभी कमरों से अलग।
और तभी…
अंदर से whispering की आवाज़ आने लगी।
बहुत धीमी।
जैसे कई लोग एक साथ कुछ बोल रहे हों।
निखिल का heartbeat तेज़ हो गया।
उसने कान door पर लगाया।
लेकिन words समझ नहीं आ रहे थे।
फिर अचानक…
सारी आवाज़ें बंद हो गईं।
पूरा माहौल dead silent।
और तभी—
ठक।
Door के दूसरी तरफ से knock हुआ।
निखिल तुरंत पीछे हट गया।
कुछ सेकंड बाद दूसरी knock हुई।
ठक।
इस बार थोड़ा ज़ोर से।
और फिर…
अंदर से एक आवाज़ आई—
“दरवाज़ा खोलो…”
निखिल जम गया।
क्योंकि वो आवाज़… उसकी अपनी थी।
## Chapter 5 – The Dark Secret

तभी नीचे से देवेंद्र जोर से चिल्लाया—
“वहाँ से हट जाइए!”
निखिल घबराकर पीछे हटा और जल्दी-जल्दी नीचे उतर आया।
देवेंद्र का चेहरा डर से सफेद पड़ चुका था।
“आप ऊपर क्यों गए?” उसने गुस्से में पूछा।
“वो room क्या है?” निखिल काँपती आवाज़ में बोला।
देवेंद्र कुछ देर चुप रहा।
फिर धीरे से बोला—
“वो कमरा इस हवेली का आख़िरी कमरा नहीं है…
वो इस हवेली का trap है।”
देवेंद्र ने बताया कि कई साल पहले इस हवेली का मालिक वीर प्रताप सिंह नाम का आदमी था।
उसे Dark Rituals और Occult Activities का obsession था।
वह लोगों को हवेली में बुलाता…
उनके डर को समझता…
और फिर धीरे-धीरे उन्हें mentally control करने लगता।
एक रात हवेली में भयानक आग लगी।
सब कुछ जल गया।
लेकिन ऊपर का आख़िरी room कभी नहीं जला।
और उसके बाद से…
जो भी उस room के पास गया…
उसे अपनी ही आवाज़ सुनाई देने लगी।
अपना ही चेहरा दिखाई देने लगा।
और धीरे-धीरे…
वो गायब हो गया।
## Chapter 6 – The Doppelganger

रात के ठीक 3:03 AM।
निखिल अपने कमरे में बैठा था।
अचानक बाहर किसी के चलने की आवाज़ आने लगी।
टक…
टक…
टक…
फिर उसके room के बाहर कोई रुक गया।
दरवाज़े के नीचे shadow दिखाई दे रही थी।
फिर वही आवाज़ आई—
“निखिल…”
उसकी रीढ़ में सिहरन दौड़ गई।
आवाज़ दोबारा आई—
“Open the door…”
अचानक कमरे की light अपने आप बंद हो गई।
पूरा room darkness में डूब गया।
और तभी…
window के बाहर कोई दिखाई दिया।
तीसरी मंज़िल की ऊँचाई पर।
बारिश के बीच।
एक चेहरा।
धीरे-धीरे मुस्कुराता हुआ।
और वो चेहरा बिल्कुल निखिल जैसा था।
निखिल डर के मारे पीछे हट गया।
उसी पल दरवाज़ा ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा।
धड़ाम!
धड़ाम!
धड़ाम!
जैसे कोई अंदर घुसना चाहता हो।
## Final Chapter – The Last Smile
निखिल ने पास रखा iron stand उठाकर दरवाज़े के सामने अड़ा दिया।
लेकिन आवाज़ें रुक नहीं रही थीं।
फिर अचानक…
सब शांत हो गया।
Horror Story in Hindi
कुछ सेकंड बाद बाहर से देवेंद्र की आवाज़ आई—
“जल्दी बाहर आइए!”
निखिल ने दरवाज़ा खोला।
देवेंद्र बुरी तरह डरा हुआ था।
“हमें अभी निकलना होगा,” उसने कहा।
दोनों हवेली से बाहर भागे।
बारिश में बिना पीछे देखे दौड़ते रहे।
काफी दूर पहुँचने के बाद निखिल ने पीछे मुड़कर देखा।
ऊपर आख़िरी कमरे की light अब भी जल रही थी।
और window के पास…
कोई खड़ा था।
वो धीरे-धीरे मुस्कुरा रहा था।
क्योंकि अब हवेली को नया चेहरा मिल चुका था।
और कहते हैं…
आज भी जो traveler उस सड़क से गुजरता है,
उसे रात में उस हवेली से अपनी ही आवाज़ सुनाई देती है—
अगर आपको डरावनी कहानियां पसंद हैं, तो आप Wikipedia पर Haunted Houses के बारे में भी पढ़ सकते हैं: https://en.wikipedia.org/wiki/Haunted_house
“अंदर आ जाओ…”
अगर आपको यह Horror Story in Hindi पसंद आई, तो हमारी दूसरी डरावनी कहानी भी पढ़ें:
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