मेघालय की राजधानी शिलांग को अक्सर “Scotland of the East” कहा जाता है। हरे-भरे पहाड़, झरने, शांत झीलें, बादलों से ढकी घाटियां और खूबसूरत व्यू पॉइंट्स इसे भारत के सबसे आकर्षक हिल स्टेशनों में शामिल करते हैं। अगर आप प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर और शांत वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं, तो शिलांग आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है।
कई लोग पहली बार शिलांग जाने से पहले यह जानना चाहते हैं कि Places to Visit in Shillong कौन-कौन से हैं और कितने दिनों में इन्हें आसानी से देखा जा सकता है। इस लेख में हम शिलांग की सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत जगहों के बारे में विस्तार से जानेंगे ताकि आप अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकें।
1. उमियम झील (Umiam Lake)
उमियम झील (Umiam Lake)
शिलांग से लगभग 15 किलोमीटर पहले स्थित उमियम झील (Umiam Lake) मेघालय के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यह विशाल कृत्रिम झील वर्ष 1965 में उमियम नदी पर बांध बनने के बाद अस्तित्व में आई थी। लगभग 220 वर्ग किलोमीटर के कैचमेंट क्षेत्र में फैली यह झील चारों ओर हरी-भरी पहाड़ियों, चीड़ के जंगलों और साफ नीले पानी के कारण किसी प्राकृतिक झील से कम नहीं लगती। शिलांग आने वाले अधिकांश पर्यटक अपनी यात्रा की शुरुआत यहीं से करते हैं।

उमियम झील सूर्योदय और सूर्यास्त के समय विशेष रूप से बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। सुबह के समय झील के ऊपर तैरते बादल, शांत पानी में पहाड़ों का प्रतिबिंब और ठंडी हवा यहां के वातावरण को बेहद मनमोहक बना देते हैं। फोटोग्राफी, ड्रोन शॉट्स (जहां अनुमति हो) और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
यह झील केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि वॉटर स्पोर्ट्स के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां पर्यटक स्पीड बोटिंग, पैडल बोटिंग, कयाकिंग, वाटर स्कूटर, सेलिंग और क्रूज राइड जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। झील के किनारे बने व्यू पॉइंट, कैफे और पिकनिक स्पॉट परिवार तथा दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।
यदि आप शिलांग की यात्रा पर जा रहे हैं, तो उमियम झील पर कम से कम 2 से 3 घंटे अवश्य बिताएं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है और साफ आसमान के कारण झील का दृश्य और भी आकर्षक दिखाई देता है। यही वजह है कि उमियम झील को शिलांग की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे अधिक फोटो खींची जाने वाली जगहों में गिना जाता है।
- बोटिंग
- कयाकिंग
- वाटर स्कूटर
- फोटोग्राफी
- झील किनारे पिकनिक
घूमने का समय: सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक
घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से अप्रैल
2. एलीफेंट फॉल्स (Elephant Falls)
एलीफेंट फॉल्स (Elephant Falls) शिलांग के सबसे प्रसिद्ध और सबसे अधिक देखे जाने वाले झरनों में से एक है। यह शहर के केंद्र से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता तथा तीन स्तरों में गिरते पानी के लिए जाना जाता है। पहले इस झरने के पास हाथी के आकार की एक विशाल चट्टान थी, जिसके कारण इसका नाम Elephant Falls पड़ा। हालांकि वर्ष 1897 के भूकंप में वह चट्टान नष्ट हो गई, लेकिन इस झरने का नाम आज भी वही है।

इस झरने की सबसे खास बात यह है कि इसका पानी तीन अलग-अलग चरणों में नीचे गिरता है। प्रत्येक स्तर तक पहुंचने के लिए सुरक्षित सीढ़ियां और व्यूइंग प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां से पर्यटक अलग-अलग कोणों से झरने का शानदार नजारा देख सकते हैं। नीचे की ओर पहुंचते-पहुंचते पानी की तेज धार, चट्टानों पर उगती काई और चारों ओर फैली हरियाली इस स्थान को बेहद आकर्षक बना देती है।
मानसून के मौसम में एलीफेंट फॉल्स अपने पूरे शबाब पर होता है। तेज जलधारा और आसपास के घने जंगल इस जगह की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। वहीं अक्टूबर से अप्रैल के बीच मौसम सुहावना रहता है और फोटोग्राफी के लिए साफ दृश्य मिलते हैं। झरने के प्रवेश द्वार के पास स्थानीय हस्तशिल्प की छोटी-छोटी दुकानें और स्नैक्स स्टॉल भी हैं, जहां से आप मेघालय की स्थानीय संस्कृति की झलक देख सकते हैं।
यदि आप शिलांग घूमने जा रहे हैं, तो एलीफेंट फॉल्स पर 1 से 2 घंटे का समय अवश्य रखें। प्राकृतिक सौंदर्य, ठंडी हवा, झरने की गूंजती आवाज़ और शांत वातावरण इसे परिवार, दोस्तों और प्रकृति प्रेमियों के लिए शिलांग की सबसे यादगार जगहों में शामिल करते हैं।
3. शिलांग पीक (Shillong Peak)
शिलांग पीक (Shillong Peak) मेघालय की राजधानी शिलांग का सबसे ऊंचा व्यू पॉइंट माना जाता है। लगभग 1,965 मीटर (6,447 फीट) की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान पूरे शहर और आसपास की हरी-भरी पहाड़ियों का 360 डिग्री मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। साफ मौसम में यहां से दूर-दूर तक फैली घाटियां और यहां तक कि बांग्लादेश के मैदानी क्षेत्र भी दिखाई देते हैं, जो इस जगह को और भी खास बनाते हैं।

शिलांग पीक भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के परिसर के भीतर स्थित है, इसलिए प्रवेश के समय सुरक्षा जांच की जाती है। शीर्ष पर बने व्यूइंग प्लेटफॉर्म से पर्यटक शिलांग शहर, घने जंगल, बादलों से ढकी पहाड़ियां और घुमावदार सड़कों का शानदार नजारा देख सकते हैं। सुबह के समय यहां तैरते बादल और शाम को डूबते सूरज की सुनहरी रोशनी इस जगह को फोटोग्राफी के लिए बेहद आकर्षक बना देती है।
स्थानीय खासी समुदाय के लिए भी शिलांग पीक का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। माना जाता है कि यह स्थान उनके संरक्षक देवता ‘लेई शिलांग (Lei Shyllong)’ से जुड़ा हुआ है, जिसके नाम पर शिलांग शहर का नाम पड़ा। यही वजह है कि यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ सांस्कृतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि आप शिलांग की यात्रा पर हैं, तो यहां 1 से 2 घंटे का समय अवश्य निकालें। अक्टूबर से अप्रैल के बीच साफ मौसम में यहां से दिखाई देने वाला दृश्य सबसे शानदार होता है। प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और शांत वातावरण में समय बिताने वालों के लिए शिलांग पीक शहर की सबसे यादगार और खूबसूरत जगहों में से एक है।
4. लेडी हैदरी पार्क (Lady Hydari Park)
लेडी हैदरी पार्क (Lady Hydari Park) शिलांग के सबसे सुंदर और सुव्यवस्थित सार्वजनिक उद्यानों में से एक है। यह पार्क शहर के बीचों-बीच स्थित है और अपने रंग-बिरंगे फूलों, हरे-भरे लॉन तथा शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसका नाम असम के तत्कालीन गवर्नर की पत्नी लेडी हैदरी के सम्मान में रखा गया था। जापानी शैली में विकसित इस पार्क की खूबसूरती हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करती है।

पार्क में सुंदर फूलों की क्यारियां, घुमावदार पैदल रास्ते, छोटे-छोटे पुल, सजावटी झाड़ियां और ऊंचे देवदार के पेड़ इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। वसंत और गर्मियों के दौरान यहां विभिन्न प्रजातियों के हजारों फूल खिलते हैं, जिससे पूरा पार्क रंगों से भर जाता है। शांत वातावरण और प्राकृतिक हरियाली के कारण यह परिवार, कपल्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए आराम से समय बिताने की बेहतरीन जगह है।
लेडी हैदरी पार्क की एक खास आकर्षण इसका मिनी चिड़ियाघर (Mini Zoo) भी है, जहां हिमालयी काला भालू, हिरण, साही, पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां और अन्य स्थानीय वन्यजीव देखे जा सकते हैं। बच्चों के लिए यहां खेल का क्षेत्र भी बनाया गया है, इसलिए परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों के बीच यह पार्क काफी लोकप्रिय है।
यदि आप शिलांग की भीड़-भाड़ से कुछ समय दूर शांति और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं, तो इस पार्क में 1 से 2 घंटे आराम से बिताए जा सकते हैं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है, जबकि फूलों के खिलने के मौसम में इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है। फोटोग्राफी, सुबह की सैर और परिवार के साथ पिकनिक के लिए लेडी हैदरी पार्क शिलांग की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक माना जाता है।
5. वार्ड्स लेक (Ward’s Lake)
वार्ड्स लेक (Ward’s Lake) शिलांग शहर के बीचों-बीच स्थित एक खूबसूरत कृत्रिम झील है, जिसे स्थानीय लोग “पोलॉक्स लेक (Pollock’s Lake)” के नाम से भी जानते हैं। वर्ष 1894 में बनाई गई यह झील ब्रिटिश काल की वास्तुकला और सुंदर बागवानी का बेहतरीन उदाहरण मानी जाती है। घोड़े की नाल (Horse Shoe) के आकार में बनी यह झील चारों ओर से हरे-भरे बगीचों, रंग-बिरंगे फूलों और पैदल चलने के सुंदर रास्तों से घिरी हुई है, जो इसे शिलांग की सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं।

झील का सबसे बड़ा आकर्षण इसका लकड़ी का खूबसूरत पुल और शांत वातावरण है। पुल पर खड़े होकर झील का नजारा देखने का अनुभव बेहद मनमोहक होता है। यहां आने वाले पर्यटक पैडल बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और झील में तैरती रंग-बिरंगी मछलियों तथा बतखों को खाना खिलाना भी बच्चों और परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय गतिविधि है। झील के किनारे लगी बेंचों पर बैठकर प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना भी एक यादगार अनुभव होता है।
वसंत और गर्मियों के मौसम में वार्ड्स लेक के आसपास बने फूलों के बगीचे पूरी तरह खिल उठते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र बेहद रंगीन और आकर्षक दिखाई देता है। शाम के समय हल्की रोशनी, ठंडी हवा और झील में पड़ता पेड़ों का प्रतिबिंब इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। यही कारण है कि यह स्थान फोटोग्राफी, कपल्स और परिवार के साथ घूमने वालों के लिए विशेष रूप से पसंद किया जाता है।
यदि आप शिलांग घूमने की योजना बना रहे हैं, तो वार्ड्स लेक में 1 से 2 घंटे आराम से बिताए जा सकते हैं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है और झील का शांत वातावरण पर्यटकों को शहर की भीड़-भाड़ से दूर सुकून का एहसास कराता है। प्राकृतिक सुंदरता, बोटिंग और खूबसूरत गार्डन के कारण वार्ड्स लेक शिलांग की सबसे आकर्षक जगहों में से एक मानी जाती है।
6. डॉन बॉस्को संग्रहालय (Don Bosco Museum)
डॉन बॉस्को संग्रहालय (Don Bosco Museum) शिलांग के सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक संग्रहालयों में से एक है। यह संग्रहालय केवल मेघालय ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत (North East India) की जनजातीय संस्कृति, इतिहास, परंपराओं और जीवनशैली को बेहद आधुनिक और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करता है। लगभग सात मंजिला इस संग्रहालय को एशिया के सबसे बड़े स्वदेशी (Indigenous) सांस्कृतिक संग्रहालयों में भी गिना जाता है।

संग्रहालय के प्रत्येक तल पर अलग-अलग विषयों पर प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां आपको खासी, गारो, जयंतिया, नागा, मिजो, अपातानी, बोडो सहित पूर्वोत्तर भारत की कई जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण, हथियार, संगीत वाद्ययंत्र, कृषि उपकरण, हस्तशिल्प, धार्मिक परंपराएं और दैनिक जीवन से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं देखने को मिलती हैं। आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के कारण यहां की जानकारी बच्चों और बड़ों दोनों के लिए रोचक बन जाती है।
संग्रहालय का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी स्काई वॉक (Sky Walk) है, जो सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है। यहां से पूरे शिलांग शहर, आसपास की हरी-भरी पहाड़ियों और दूर तक फैले प्राकृतिक दृश्यों का शानदार पैनोरमिक दृश्य दिखाई देता है। साफ मौसम में यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा भी बेहद मनमोहक होता है, इसलिए फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थान खास आकर्षण रखता है।
यदि आप शिलांग की यात्रा के दौरान केवल प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि मेघालय और पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को भी करीब से जानना चाहते हैं, तो डॉन बॉस्को संग्रहालय अवश्य जाएं। यहां आराम से घूमने और सभी गैलरियों को देखने के लिए 2 से 3 घंटे का समय निकालें। इतिहास, संस्कृति और फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए यह शिलांग की सबसे ज्ञानवर्धक और यादगार जगहों में से एक है।
7. लैतलुम कैन्यन (Laitlum Canyons)
लैतलुम कैन्यन (Laitlum Canyons) शिलांग से लगभग 24 किलोमीटर दूर स्थित मेघालय के सबसे मनमोहक प्राकृतिक स्थलों में से एक है। “Laitlum” शब्द खासी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है “End of Hills” यानी पहाड़ियों का अंतिम सिरा। ऊंची-ऊंची पहाड़ियां, गहरी घाटियां, बादलों से ढकी ढलानें और दूर-दूर तक फैली हरियाली इस जगह को प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग जैसा बना देती है।

यह स्थान अपने विशाल पैनोरमिक व्यू के लिए प्रसिद्ध है। व्यू पॉइंट से नीचे फैली गहरी घाटियां, घुमावदार पहाड़ी रास्ते और छोटे-छोटे गांव बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं। सुबह के समय बादलों की चादर घाटियों के ऊपर तैरती हुई नजर आती है, जबकि शाम के समय डूबते सूरज की सुनहरी रोशनी पूरे क्षेत्र को अद्भुत रंगों से भर देती है। साफ मौसम में यहां से दूर तक फैली पहाड़ियों का मनोरम दृश्य आसानी से देखा जा सकता है।
एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए लैतलुम कैन्यन ट्रेकिंग का भी शानदार अनुभव प्रदान करता है। यहां पत्थरों से बनी लंबी सीढ़ियां नीचे बसे छोटे गांवों की ओर जाती हैं। ट्रेक के दौरान हर मोड़ पर बदलते प्राकृतिक दृश्य, ठंडी हवा और शांत वातावरण यात्रा को यादगार बना देते हैं। हालांकि नीचे उतरने के बाद वापस चढ़ाई थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए आरामदायक जूते और पर्याप्त पानी साथ रखना बेहतर रहता है।
यदि आप शिलांग की यात्रा पर हैं, तो लैतलुम कैन्यन में 2 से 3 घंटे अवश्य बिताएं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है और आसमान साफ होने के कारण घाटियों का दृश्य बेहद शानदार दिखाई देता है। प्राकृतिक सुंदरता, ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का अनूठा अनुभव लेने के लिए लैतलुम कैन्यन शिलांग की सबसे खूबसूरत और यादगार जगहों में से एक माना जाता है।
8. स्वीट फॉल्स (Sweet Falls)
स्वीट फॉल्स (Sweet Falls) शिलांग के सबसे ऊंचे और सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है। लगभग 96 मीटर (315 फीट) की ऊंचाई से गिरता यह झरना शिलांग शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है। घने चीड़ के जंगलों, ऊंची चट्टानों और हरियाली से घिरा यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। अन्य लोकप्रिय झरनों की तुलना में यहां अपेक्षाकृत कम भीड़ होती है, इसलिए प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने के लिए यह एक शानदार जगह मानी जाती है।

स्वीट फॉल्स का पानी एक संकरी चट्टान से तेज़ गति से नीचे गहरी घाटी में गिरता है, जिससे इसका दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। मानसून के दौरान पानी का प्रवाह कई गुना बढ़ जाता है और झरने की गूंज दूर तक सुनाई देती है। वहीं सर्दियों और गर्मियों में साफ मौसम के कारण आसपास की पहाड़ियों और जंगलों का नजारा भी बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थान प्राकृतिक दृश्यों को कैमरे में कैद करने का बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
हालांकि स्वीट फॉल्स अपनी सुंदरता के साथ-साथ गहरी खाई और फिसलन भरी चट्टानों के कारण संवेदनशील क्षेत्र भी माना जाता है। इसलिए यहां बने व्यू पॉइंट से ही झरने का आनंद लेना चाहिए और सुरक्षा बैरिकेड्स के बाहर जाने से बचना चाहिए। बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है क्योंकि चट्टानें काफी फिसलन भरी हो जाती हैं।
यदि आप शिलांग की यात्रा कर रहे हैं, तो स्वीट फॉल्स पर 1 से 2 घंटे का समय अवश्य बिताएं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है, जबकि मानसून में झरना अपने पूरे वेग और सौंदर्य के साथ दिखाई देता है। प्राकृतिक शांति, घने जंगल और ऊंचाई से गिरते झरने का मनमोहक दृश्य इसे शिलांग के सबसे यादगार पर्यटन स्थलों में शामिल करता है।
9. बिशप और बीडन फॉल्स (Bishop & Beadon Falls)
बिशप और बीडन फॉल्स (Bishop & Beadon Falls)
बिशप और बीडन फॉल्स (Bishop & Beadon Falls) शिलांग के सबसे मनमोहक प्राकृतिक झरनों में से हैं। ये दोनों झरने एक-दूसरे के बिल्कुल पास स्थित हैं और एक ही घाटी में ऊंची चट्टानों से नीचे गिरते हैं। घने जंगलों, हरी-भरी पहाड़ियों और गहरी घाटियों से घिरा यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। शिलांग शहर से इनकी दूरी लगभग 5 किलोमीटर है, इसलिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

इन दोनों झरनों की सबसे खास बात यह है कि ये अलग-अलग धाराओं के रूप में बहते हुए नीचे घाटी में गिरते हैं, जिससे एक बेहद आकर्षक प्राकृतिक दृश्य बनता है। मानसून के मौसम में जब जल प्रवाह बढ़ जाता है, तब दोनों झरने पूरे वेग के साथ बहते हैं और आसपास का वातावरण पानी की फुहारों और झरनों की गूंज से भर जाता है। वहीं सर्दियों और गर्मियों में साफ मौसम के दौरान घाटी और दूर तक फैली हरियाली का शानदार दृश्य देखने को मिलता है।
झरनों को देखने के लिए यहां सुरक्षित व्यू पॉइंट बनाए गए हैं, जहां से पर्यटक दोनों झरनों का एक साथ सुंदर नजारा देख सकते हैं। सुबह के समय हल्का कोहरा और घाटी के ऊपर तैरते बादल इस जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं। शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्य इसे कपल्स, परिवारों और फोटोग्राफरों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाते हैं।
यदि आप शिलांग घूमने की योजना बना रहे हैं, तो बिशप और बीडन फॉल्स के लिए 1 से 2 घंटे का समय अवश्य निकालें। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है, जबकि बारिश के मौसम में झरनों का दृश्य सबसे अधिक भव्य दिखाई देता है। प्राकृतिक सुंदरता, शांत माहौल और शानदार व्यू पॉइंट्स के कारण यह स्थान शिलांग की सबसे खूबसूरत और यादगार पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है।
10. पुलिस बाजार (Police Bazaar)
पुलिस बाजार (Police Bazaar) शिलांग का सबसे व्यस्त और लोकप्रिय शॉपिंग एवं मनोरंजन क्षेत्र है। यह शहर का मुख्य व्यावसायिक केंद्र माना जाता है, जहां दिनभर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की रौनक बनी रहती है। यदि आप शिलांग की स्थानीय संस्कृति, स्वादिष्ट खान-पान और खरीदारी का अनुभव एक ही जगह पर करना चाहते हैं, तो पुलिस बाजार आपके यात्रा कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।

यह बाजार स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां आपको बांस और बेंत (Bamboo & Cane) से बने सजावटी सामान, हाथ से बुने शॉल, पारंपरिक खासी परिधान, हस्तनिर्मित आभूषण, स्थानीय मसाले, शहद और स्मृति चिन्ह (Souvenirs) आसानी से मिल जाते हैं। उचित कीमत और अच्छी गुणवत्ता के कारण पर्यटक यहां से अपने परिवार और दोस्तों के लिए उपहार भी खरीदते हैं।
पुलिस बाजार केवल खरीदारी के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी बेहतरीन जगह है। यहां कई कैफे, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड स्टॉल मौजूद हैं, जहां आप मेघालय के पारंपरिक खासी व्यंजन, मोमोज, थुकपा, जादोह (Jadoh), स्थानीय स्नैक्स और गर्म कॉफी का आनंद ले सकते हैं। शाम के समय रोशनी से जगमगाता बाजार, लाइव संगीत और चहल-पहल इस जगह को और भी आकर्षक बना देते हैं।
यदि आप शिलांग घूमने आए हैं, तो पुलिस बाजार में 2 से 3 घंटे आराम से बिताएं। शाम के समय यहां का माहौल सबसे जीवंत रहता है और खरीदारी के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है। चाहे आप स्मृति चिन्ह खरीदना चाहें, स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेना चाहें या सिर्फ शिलांग के जीवंत माहौल को महसूस करना चाहें, पुलिस बाजार हर पर्यटक के लिए एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।
11. फान नोंगलैत पार्क (Phan Nonglait Park)
फान नोंगलैत पार्क (Phan Nonglait Park) शिलांग के सबसे सुंदर और शांत सार्वजनिक उद्यानों में से एक है। पहले यह पार्क लेडी हैदरी पार्क (Lady Hydari Park) के नाम से प्रसिद्ध था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर फान नोंगलैत पार्क रखा गया। शहर के मध्य में स्थित यह पार्क अपनी हरी-भरी हरियाली, रंग-बिरंगे फूलों और शांत वातावरण के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय है। यदि आप प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो यह पार्क एक बेहतरीन विकल्प है।

पार्क में खूबसूरती से सजाए गए फूलों के बगीचे, चौड़े हरे लॉन, घुमावदार पैदल मार्ग, सजावटी पौधे और ऊंचे-ऊंचे पेड़ इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। वसंत और गर्मियों के मौसम में यहां विभिन्न रंगों के फूल खिलते हैं, जिससे पूरा पार्क बेहद आकर्षक दिखाई देता है। पार्क में कई स्थानों पर बैठने की व्यवस्था भी की गई है, जहां पर्यटक शांति से प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।
फान नोंगलैत पार्क परिवारों और बच्चों के लिए भी काफी लोकप्रिय है। यहां बच्चों के खेलने के लिए खुला क्षेत्र, छोटा मिनी जू, और पक्षियों व स्थानीय वन्यजीवों को देखने की सुविधा उपलब्ध है। यही कारण है कि सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान यहां अच्छी-खासी चहल-पहल देखने को मिलती है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी पार्क के रंग-बिरंगे फूल और प्राकृतिक दृश्य शानदार बैकग्राउंड प्रदान करते हैं।
यदि आप शिलांग की यात्रा के दौरान शहर की भीड़-भाड़ से कुछ समय दूर शांति और हरियाली का आनंद लेना चाहते हैं, तो फान नोंगलैत पार्क में 1 से 2 घंटे आराम से बिताए जा सकते हैं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है, हालांकि सालभर इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती रहती है। परिवार, कपल्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह शिलांग के सबसे खूबसूरत और सुकून देने वाले पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है।
12. एयर फोर्स म्यूजियम (Air Force Museum)
एयर फोर्स म्यूजियम (Air Force Museum) शिलांग के सबसे रोचक और ज्ञानवर्धक पर्यटन स्थलों में से एक है। यह संग्रहालय पूर्वी वायु कमान (Eastern Air Command) परिसर के पास स्थित है और भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास, वीरता और तकनीकी विकास को प्रदर्शित करता है। यदि आपको विमान, सैन्य इतिहास और रक्षा तकनीक में रुचि है, तो यह जगह आपकी शिलांग यात्रा को और भी यादगार बना सकती है।

संग्रहालय में भारतीय वायुसेना के विभिन्न अभियानों से जुड़ी पुरानी तस्वीरें, लड़ाकू विमानों के मॉडल, रडार उपकरण, मिसाइलों के नमूने, पायलटों की वर्दियां, हेलमेट, पैराशूट, संचार उपकरण और युद्ध में उपयोग किए गए कई ऐतिहासिक अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं। यहां पूर्वोत्तर भारत में भारतीय वायुसेना की भूमिका और विभिन्न राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी भी विस्तार से दी गई है, जिससे पर्यटकों को देश की रक्षा व्यवस्था के बारे में काफी कुछ सीखने का अवसर मिलता है।
संग्रहालय की गैलरियां आधुनिक और सुव्यवस्थित ढंग से बनाई गई हैं, जहां प्रदर्शित वस्तुओं के साथ उनकी जानकारी भी दी गई है। परिसर में कई स्थान ऐसे हैं जहां से स्मृति तस्वीरें ली जा सकती हैं। बच्चों, छात्रों और इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र है क्योंकि यहां मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का भी शानदार अनुभव मिलता है।
यदि आप शिलांग की यात्रा के दौरान प्राकृतिक स्थलों के साथ कुछ अलग और ज्ञानवर्धक अनुभव लेना चाहते हैं, तो एयर फोर्स म्यूजियम अवश्य जाएं। यहां आराम से घूमने के लिए 1 से 2 घंटे का समय पर्याप्त रहता है। साफ-सुथरा वातावरण, ऐतिहासिक प्रदर्शनी और भारतीय वायुसेना की उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी इस संग्रहालय को शिलांग के सबसे अनोखे पर्यटन स्थलों में शामिल करती है।
13. मावफ्लांग सेक्रेड फॉरेस्ट (Mawphlang Sacred Forest)
मावफ्लांग सेक्रेड फॉरेस्ट (Mawphlang Sacred Forest) शिलांग से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित मेघालय के सबसे रहस्यमय और ऐतिहासिक प्राकृतिक स्थलों में से एक है। लगभग 800 वर्ष पुराने इस पवित्र जंगल को खासी जनजाति द्वारा सदियों से संरक्षित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस जंगल की रक्षा देवता करते हैं, इसलिए यहां से पेड़, पत्तियां, फूल, पत्थर या किसी भी प्राकृतिक वस्तु को बाहर ले जाना वर्जित माना जाता है। इसी परंपरा के कारण यह जंगल आज भी अपनी मूल प्राकृतिक अवस्था में सुरक्षित है।

घने पेड़ों, विशाल चट्टानों, काई से ढके तनों, दुर्लभ औषधीय पौधों और अनोखी जैव विविधता से भरपूर यह जंगल प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। जंगल के भीतर चलते समय आपको प्राचीन वृक्ष, लटकती बेलें, प्राकृतिक घास के मैदान और कई दुर्लभ वनस्पतियां देखने को मिलती हैं। यहां का ठंडा और शांत वातावरण ऐसा महसूस कराता है मानो आप किसी प्राचीन रहस्यमयी दुनिया में प्रवेश कर चुके हों।
मावफ्लांग सेक्रेड फॉरेस्ट केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है। जंगल के भीतर कई प्राचीन बलि वेदियां (Sacrificial Altars) और पत्थर के स्मारक मौजूद हैं, जहां कभी खासी जनजाति के पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते थे। स्थानीय गाइड के साथ जंगल की सैर करने पर आपको इन परंपराओं, लोककथाओं और जंगल से जुड़े रोचक इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है।
यदि आप शिलांग की यात्रा के दौरान प्रकृति, इतिहास और स्थानीय संस्कृति का अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं, तो मावफ्लांग सेक्रेड फॉरेस्ट अवश्य जाएं। यहां आराम से घूमने के लिए 2 से 3 घंटे का समय निकालें। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है और जंगल की हरियाली अपने पूरे सौंदर्य के साथ दिखाई देती है। अपनी रहस्यमयी शांति, जैव विविधता और सदियों पुरानी परंपराओं के कारण यह स्थान शिलांग के सबसे अनोखे और यादगार पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
14. डेविड स्कॉट ट्रेल (David Scott Trail)
डेविड स्कॉट ट्रेल (David Scott Trail) मेघालय के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक ट्रेकिंग मार्गों में से एक है। यह ट्रेल शिलांग से लगभग 25 किलोमीटर दूर मावफ्लांग (Mawphlang) गांव से शुरू होकर लाड मावफ्लांग (Lad Mawphlang) क्षेत्र तक जाती है। लगभग 16 किलोमीटर लंबा यह मार्ग वर्ष 1800 के दशक में ब्रिटिश अधिकारी डेविड स्कॉट द्वारा व्यापार और आवागमन के लिए विकसित किया गया था। आज यह ट्रेकिंग और प्रकृति प्रेमियों के बीच मेघालय के सबसे लोकप्रिय एडवेंचर अनुभवों में गिना जाता है।

इस ट्रेल पर चलते हुए आपको मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा अनुभव मिलता है। रास्ते में घास के विशाल मैदान, घने जंगल, छोटी-छोटी नदियां, झरने, लकड़ी और पत्थर के पुराने पुल, पहाड़ी गांव और मनमोहक घाटियां देखने को मिलती हैं। ट्रेक के दौरान कई स्थानों से आसपास की हरियाली और दूर तक फैली पहाड़ियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
डेविड स्कॉट ट्रेल की एक खास बात यह है कि यहां प्रकृति और इतिहास का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कई जगहों पर आज भी ब्रिटिश काल के पुराने पत्थर के रास्ते और पुल सुरक्षित हैं, जो इस ट्रेल को ऐतिहासिक महत्व भी प्रदान करते हैं। रास्ते में बहती साफ जलधाराएं, पक्षियों की मधुर आवाज़ और शांत वातावरण ट्रेक को और भी यादगार बना देते हैं।
यह ट्रेक सामान्य फिटनेस वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है और इसे पूरा करने में लगभग 4 से 6 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि बारिश के मौसम में रास्ता फिसलन भरा हो जाता है, इसलिए आरामदायक ट्रेकिंग शूज़ पहनना और स्थानीय गाइड के साथ जाना बेहतर रहता है। अक्टूबर से अप्रैल के बीच का समय इस ट्रेल के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब मौसम साफ रहता है और प्राकृतिक दृश्य अपने सबसे खूबसूरत रूप में दिखाई देते हैं। रोमांच, प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास का शानदार अनुभव लेने के लिए डेविड स्कॉट ट्रेल शिलांग के आसपास की सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है।
15. सोहरा (चेरापूंजी) डे ट्रिप
सोहरा (चेरापूंजी) डे ट्रिप शिलांग से की जाने वाली सबसे लोकप्रिय और यादगार यात्राओं में से एक है। शिलांग से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित सोहरा अपनी विश्व प्रसिद्ध वर्षा, विशाल झरनों, गहरी घाटियों, रहस्यमयी गुफाओं और जीवित जड़ों से बने पुलों (Living Root Bridges) के लिए जाना जाता है। अच्छी सड़क और मनमोहक पहाड़ी मार्ग के कारण आप सुबह शिलांग से निकलकर पूरे दिन सोहरा के प्रमुख आकर्षण घूम सकते हैं और शाम तक वापस लौट सकते हैं।

इस डे ट्रिप के दौरान पर्यटक नोहकलिकाई फॉल्स (Nohkalikai Falls), सेवन सिस्टर्स फॉल्स (Seven Sisters Falls), मावस्माई गुफा (Mawsmai Cave), अर्पवाह गुफा (Arwah Cave), इको पार्क (Eco Park) और मौसम अनुकूल होने पर डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज जैसे प्रसिद्ध स्थलों की सैर कर सकते हैं। रास्ते में बादलों से ढकी पहाड़ियां, गहरी घाटियां, हरे-भरे जंगल और कई छोटे-बड़े झरने यात्रा को बेहद रोमांचक और यादगार बना देते हैं।
यदि आप प्रकृति और एडवेंचर दोनों का आनंद लेना चाहते हैं, तो सोहरा की यह यात्रा आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। मानसून के दौरान यहां के झरने अपने पूरे वेग पर होते हैं, जबकि अक्टूबर से अप्रैल के बीच साफ मौसम में घाटियों और झरनों के शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं। रास्ते में कई व्यू पॉइंट और स्थानीय कैफे भी मिलते हैं, जहां रुककर मेघालय के स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया जा सकता है।
शिलांग से सोहरा की यात्रा कार, टैक्सी या बाइक से आसानी से की जा सकती है और पूरे दिन की इस यात्रा के लिए 8 से 10 घंटे का समय निकालना उचित रहता है। यदि आपके पास मेघालय घूमने के लिए सीमित समय है, तो सोहरा (चेरापूंजी) डे ट्रिप आपके यात्रा कार्यक्रम में अवश्य शामिल होनी चाहिए। प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का अनूठा अनुभव इसे शिलांग के आसपास की सबसे शानदार डे ट्रिप्स में से एक बनाता है।
शिलांग घूमने का सबसे अच्छा समय
शिलांग सालभर घूमने योग्य है, लेकिन अलग-अलग मौसम का अनुभव अलग होता है।
अक्टूबर से अप्रैल
- सबसे अच्छा मौसम
- साफ आसमान
- घूमने के लिए आदर्श समय
मई से जून
- हल्की ठंड
- हरियाली
- आरामदायक मौसम
जुलाई से सितंबर
- भारी बारिश
- झरने अपने पूरे सौंदर्य में
- प्रकृति प्रेमियों के लिए शानदार समय
शिलांग घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?
- 2 दिन – मुख्य शहर और प्रमुख आकर्षण
- 3 दिन – शिलांग + लैतलुम + मावफ्लांग
- 4–5 दिन – शिलांग + चेरापूंजी + डॉकी + मावलिननोंग
शिलांग यात्रा के लिए उपयोगी टिप्स
- बारिश कभी भी हो सकती है, इसलिए रेनकोट साथ रखें।
- आरामदायक ट्रेकिंग शूज़ पहनें।
- सुबह जल्दी घूमना शुरू करें।
- स्थानीय खासी भोजन का स्वाद जरूर लें।
- मानसून में झरनों के पास सावधानी रखें।
- नकद राशि भी साथ रखें क्योंकि कुछ छोटे स्थानों पर डिजिटल भुगतान उपलब्ध नहीं होता।
निष्कर्ष
अगर आप प्रकृति, झरनों, पहाड़ों और शांत वातावरण से भरपूर छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो Shillong भारत के सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में से एक है। Umiam Lake, Shillong Peak, Elephant Falls, Ward’s Lake, Laitlum Canyons, Police Bazaar और Mawphlang Sacred Forest जैसी जगहें आपकी यात्रा को यादगार बना देंगी। यदि आपके पास अतिरिक्त समय हो, तो चेरापूंजी और डॉकी जैसी नज़दीकी जगहों को भी अपनी यात्रा में शामिल करें। सही योजना के साथ शिलांग की यात्रा प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और रोमांच का शानदार अनुभव प्रदान करती है।
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