PG में रहने वाली चुड़ैल | Delhi Haunted PG Horror Story in Hindi | Real Ghost Story 2026

PG में रहने वाली चुड़ैल दिल्ली के एक haunted girls PG की खौफनाक horror story है, जहाँ Room 207 में रहने वाली लड़कियाँ रात में पायल की आवाज़ और एक चुड़ैल का साया महसूस करती थीं। यह Real Ghost Story 2026 आपको अंत तक डरा देगी।

Chapter 1: Delhi का Haunted PG

PG में रहने वाली चुड़ैल

दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक पुराना PG था—“शांति निवास Girls PG”
नाम शांति निवास था, लेकिन वहाँ रहने वाली लड़कियों के चेहरों पर कभी शांति नहीं दिखती थी।

PG की मालकिन, कमला आंटी, हर नई लड़की को एक ही बात बोलती थीं—

“बेटा, तीसरी मंज़िल पर मत जाना। वहाँ पानी की टंकी है, फिसलन रहती है।”

लेकिन असली वजह कुछ और थी।


Chapter 2: The New Girl

नेहा बिहार के छोटे से शहर से दिल्ली आई थी। सपना था UPSC पास करना। जेब में कम पैसे, आँखों में बड़े सपने।

उसे शांति निवास PG में कमरा मिला—Room No. 207

कमला आंटी ने चाबी देते हुए कहा—

“रात 11 बजे के बाद कमरे से बाहर मत निकलना।”

नेहा हँस दी।

“आंटी, मैं पढ़ने आई हूँ, घूमने नहीं।”

लेकिन उसी रात उसका मज़ाक डर में बदल गया।

रात के करीब 1:30 बजे नेहा नोट्स बना रही थी। तभी ऊपर से आवाज़ आई—

ठक… ठक… ठक…

जैसे कोई छत पर नंगे पैर चल रहा हो।

PG में रहने वाली चुड़ैल

नेहा ने सोचा शायद कोई लड़की होगी। उसने ध्यान नहीं दिया।

फिर आवाज़ आई—

छन… छन… छन…

पायल की आवाज़।

PG में किसी लड़की ने पायल नहीं पहनी थी।


Chapter 3: Room 207 का Secret

अगली सुबह नेहा ने अपनी रूममेट सिया से पूछा—

“रात को ऊपर कौन चलता है?”

सिया का चेहरा सफेद पड़ गया।

“तुमने भी सुना?”

“मतलब?”

सिया धीरे से बोली—

“यहाँ सब सुनते हैं… लेकिन कोई बोलता नहीं।”

नेहा को अजीब लगा।

“ऐसा क्या है तीसरी मंज़िल पर?”

सिया ने दरवाज़ा बंद किया और फुसफुसाई—

“तीसरी मंज़िल पर पहले एक लड़की रहती थी। नाम था रागिनी।”


Chapter 4: The Story of Ragini

रागिनी बहुत शांत लड़की थी। वह भी UPSC की तैयारी करने आई थी। लेकिन PG में कोई उससे ज्यादा बात नहीं करता था। वह रात में छत पर जाकर पढ़ती थी।

एक दिन अचानक वह गायब हो गई।

कमला आंटी ने सबको बताया—

“रागिनी घर चली गई।”

लेकिन अगले दिन पानी की टंकी से बदबू आने लगी।

जब पुलिस आई, तो टंकी से रागिनी की लाश मिली।

सबने कहा—Suicide Case

लेकिन रागिनी की डायरी में आखिरी लाइन लिखी थी—

“मैंने खुद को नहीं मारा… मैं वापस आऊँगी।”


Chapter 5: Midnight Warning

नेहा को यह सब सिर्फ कहानी लगा।

उस रात वह फिर पढ़ रही थी। अचानक कमरे की लाइट झपकने लगी।

फोन की स्क्रीन अपने आप ऑन हुई।

उसमें एक मैसेज था—

“Room 207 खाली कर दो।”

नेहा डर गई। नंबर Unknown था।

उसने सिया को जगाया।

“ये देख!”

सिया रोने लगी।

“रागिनी इसी कमरे में रहती थी।”

नेहा के हाथ काँप गए।

तभी कमरे के बाहर किसी ने धीरे से दरवाज़ा खटखटाया।

टक… टक… टक…

सिया ने नेहा का हाथ पकड़ लिया।

“मत खोलना।”

बाहर से आवाज़ आई—

“नेहा… पानी चाहिए?”

आवाज़ कमला आंटी जैसी थी।

नेहा दरवाज़े तक गई, लेकिन जैसे ही उसने नीचे की दरार से देखा, उसके पैरों के नीचे ज़मीन खिसक गई।

बाहर कोई खड़ा था।

लेकिन उसके पैर उल्टे थे।


Chapter 6: Horror Begins

नेहा चीखना चाहती थी, पर आवाज़ गले में अटक गई।

बाहर से फिर आवाज़ आई—

“दरवाज़ा खोलो बेटा…”

अब आवाज़ कमला आंटी की नहीं थी। वह एक साथ कई आवाज़ों में बदल गई—

“नेहा… नेहा… नेहा…”

सिया ने तुरंत मोबाइल पर Hanuman Chalisa चला दी।

आवाज़ बंद हो गई।

लेकिन दरवाज़े पर नाखूनों के निशान बन चुके थे।

सुबह नेहा ने PG छोड़ने का फैसला किया।

लेकिन कमला आंटी ने कहा—

“एक महीने का एडवांस वापस नहीं मिलेगा।”

नेहा गुस्से में बोली—

“मुझे पैसे नहीं चाहिए, मुझे यहाँ से जाना है।”

कमला आंटी ने पहली बार उसकी आँखों में देखकर कहा—

“जो इस कमरे में आता है, वह इतनी आसानी से नहीं जाता।”


Chapter 7: The Hidden Diary

उस रात नेहा अपना सामान पैक कर रही थी। तभी अलमारी के पीछे से एक पुरानी डायरी गिरी।

कवर पर लिखा था—

“Ragini Mishra – Room 207”

नेहा ने काँपते हाथों से डायरी खोली।

पहले पन्ने पर लिखा था—

“कमला आंटी लड़कियों को PG में नहीं रखतीं… उन्हें फँसाती हैं।”

नेहा तेजी से पन्ने पलटने लगी।

रागिनी ने लिखा था कि PG में कुछ लड़कियाँ अचानक गायब हो जाती थीं। कमला आंटी रात में तीसरी मंज़िल पर तांत्रिक पूजा करती थीं।

वह जवान लड़कियों की बलि देती थीं, ताकि उनका बीमार बेटा जिंदा रह सके।

रागिनी को सच पता चल गया था।

इसलिए उसे मारकर पानी की टंकी में फेंक दिया गया।

आखिरी पन्ने पर लिखा था—

“जिस दिन कोई मेरी डायरी पढ़ेगा, मैं उसे बचाऊँगी… लेकिन उसे सच सबके सामने लाना होगा।”


Chapter 8: Third Floor Horror

रात 12 बजे अचानक PG की सारी लाइट चली गई।

नीचे से लड़कियों की चीखें सुनाई देने लगीं।

नेहा ने दरवाज़ा खोला। कॉरिडोर में धुआँ था। दीवारों पर खून जैसे निशान बन रहे थे।

सिया गायब थी।

नेहा फोन की टॉर्च लेकर तीसरी मंज़िल की तरफ भागी।

हर सीढ़ी पर किसी लड़की की आवाज़ गूँज रही थी—

“हमें बचाओ…”

“सच बता दो…”

“आंटी को मत छोड़ना…”

तीसरी मंज़िल का दरवाज़ा खुला था।

अंदर कमला आंटी लाल साड़ी पहनकर बैठी थीं। सामने सिया बेहोश पड़ी थी। पास में वही पानी की टंकी थी।

कमला आंटी मुस्कुराईं—

“तुम बहुत सवाल पूछती हो, नेहा।”

नेहा पीछे हटने लगी।

कमला आंटी बोलीं—

“रागिनी भी ऐसी ही थी।”

तभी हवा अचानक ठंडी हो गई।

पायल की आवाज़ गूँजी—

छन… छन… छन…

कमला आंटी का चेहरा डर से सफेद पड़ गया।

“नहीं… तू वापस नहीं आ सकती!”

टंकी का ढक्कन अपने आप खुल गया।

काले पानी से एक सफेद हाथ बाहर निकला।

फिर रागिनी बाहर आई।

लंबे भीगे बाल… लाल आँखें… और चेहरा पूरी तरह सड़ा हुआ।

लेकिन उसकी नज़र नेहा पर नहीं, कमला आंटी पर थी।


Chapter 9: Revenge of the Witch

रागिनी की आवाज़ गूँजी—

“मैंने कहा था… मैं वापस आऊँगी।”

कमला आंटी मंत्र पढ़ने लगीं, लेकिन शब्द उनके मुँह में ही अटक गए।

दीवारों से कई परछाइयाँ निकलीं।

वे सभी लड़कियाँ थीं जो इस PG में मारी गई थीं।

कमला आंटी चीखीं—

“मैंने अपने बेटे के लिए किया!”

रागिनी गरजी—

“हम भी किसी की बेटियाँ थीं।”

अचानक टंकी का पानी हवा में उठा और कमला आंटी को जकड़ लिया।

वह चीखती हुई टंकी की तरफ खिंचने लगीं।

नेहा ने सिया को खींचकर दूर किया।

कमला आंटी आखिरी बार चिल्लाईं—

“नेहा! मुझे बचा लो!”

नेहा ने रागिनी की डायरी उठाई और बोली—

“सच कभी नहीं मरता।”

कमला आंटी टंकी के अंदर समा गईं।

फिर पूरा PG शांत हो गया।


Chapter 10: Viral Truth

सुबह पुलिस आई।

नेहा ने डायरी, वीडियो रिकॉर्डिंग और टंकी से मिले सबूत दिखाए।

PG सील कर दिया गया।

समाचारों में खबर चली—

“Delhi PG Horror Case Exposed”

नेहा का वीडियो सोशल Media पर Viral हो गया।

लेकिन सबसे अजीब बात यह थी कि वीडियो में नेहा के पीछे एक लड़की खड़ी दिखाई दे रही थी।

सफेद सूट में।

भीगे बालों वाली।

वह मुस्कुरा रही थी।


Chapter 11: The Last Message

कुछ महीनों बाद नेहा नए हॉस्टल में रहने लगी।

जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य हो रही थी।

एक रात उसके फोन पर Unknown Number से मैसेज आया—

“Thank you, Neha.”

नेहा ने काँपते हाथों से जवाब दिया—

“रागिनी?”

तुरंत रिप्लाई आया—

“अब मैं जा रही हूँ… लेकिन शांति निवास अभी भी खाली नहीं है।”

नेहा का दिल तेजी से धड़कने लगा।

तभी न्यूज में खबर चली—

“पुराने शांति निवास PG को तोड़ने गए मजदूरों ने काम रोक दिया। उनका कहना है कि तीसरी मंज़िल से रात में लड़कियों के रोने की आवाज़ आती है।”

नेहा ने टीवी बंद कर दिया।

कमरे में अंधेरा था।

तभी खिड़की के बाहर पायल की आवाज़ आई—

छन… छन… छन…

नेहा ने धीरे से परदा हटाया।

बाहर कोई नहीं था।

लेकिन शीशे पर धुंध से लिखा था—

“Some Stories Never End…”

और दूर कहीं, पुराने PG की तीसरी मंज़िल पर…

पानी की टंकी का ढक्कन अपने आप खुल गया।


THE END 👻

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