2 AM Horror Story in Hindi
दिन में देवपुरा गांव बिल्कुल साधारण दिखाई देता था। मिट्टी के घर, पुराने पीपल और बरगद के पेड़, खेतों के […]
Read true and real Hindi horror stories based on paranormal experiences and terrifying incidents.
दिन में देवपुरा गांव बिल्कुल साधारण दिखाई देता था। मिट्टी के घर, पुराने पीपल और बरगद के पेड़, खेतों के […]
कभी-कभी इंसान किसी चीज़ को इसलिए खरीद लेता है क्योंकि वह दुर्लभ होती है। बाद में उसे समझ आता है
शहर से लगभग पंद्रह किलोमीटर दूर बहने वाली काली नदी पर बना वह पुराना पुल अब किसी सरकारी नक्शे में
कहानी 1: बारिश वाली रात की आखिरी कैब दिल्ली में उस रात बारिश अचानक शुरू हुई थी। दिनभर उमस थी,
अक्टूबर का आखिरी सप्ताह था। नैनीताल में ठंड ने अभी पूरी तरह दस्तक नहीं दी थी, लेकिन शाम ढलते ही
मृत्यु की गंध हमेशा सड़ांध जैसी नहीं होती। कभी-कभी वह चंदन जैसी साफ, हल्दी जैसी घरेलू और गर्म दूध जैसी
दोपहर के लगभग साढ़े तीन बजे थे। शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर ट्रैफिक हमेशा की तरह
कभी-कभी किसी इंसान की ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए उसे मारना ज़रूरी नहीं होता। उसकी सोच, उसके फैसले और उसके
रात के ग्यारह बजकर उनचास मिनट हो चुके थे। शहर अभी भी जाग रहा था, लेकिन उसकी रफ्तार अब थकान
मुंबई की ऊँची इमारतों में रहने वालों को अक्सर लगता है कि वे शहर के सबसे सुरक्षित हिस्से में हैं।