ओइजा बोर्ड ने मेरी मौत की तारीख बता दी | Ouija Board True Story Hindi

रात के ठीक 12:13 बजे planchette अचानक अपने आप हिलने लगी…

पहले हमें लगा कोई मज़ाक कर रहा है। लेकिन अगले ही पल Ouija Board पर जो तारीख लिखी गई, उसे देखकर मेरे हाथ कांपने लगे।

वो तारीख… मेरी मौत की थी।

1. वह रात, जब खेल सच बन गया

Ouija Board True Story Hindi रात के ठीक 12:13 बज रहे थे।

बाहर बारिश इतनी तेज़ हो रही थी कि खिड़की के शीशे कांप रहे थे। कमरे में सिर्फ एक मोमबत्ती जल रही थी और उसके चारों तरफ हम चार लोग बैठे थे—मैं, रवि, तान्या और समीर।

Ouija Board True Story Hindi

बीच में रखा था एक पुराना Ouija Board

रवि ने हंसते हुए कहा,
“आज पता लगाते हैं कौन पहले मरेगा।”

किसी ने जवाब नहीं दिया।

हम सबने अपनी उंगलियां उस छोटी सी लकड़ी की पट्टी यानी planchette पर रखीं।

तान्या ने धीमी आवाज़ में पूछा,
“Is anyone here?”

कुछ सेकंड तक कुछ नहीं हुआ।

फिर planchette अपने आप हिली।

YES

कमरे की हवा अचानक ठंडी हो गई।

समीर ने घबराकर कहा,
“कौन हो तुम?”

Planchette अक्षरों पर चलने लगी।

M…A…A

रवि हंस पड़ा।
“किसी की मां आई है क्या?”

तभी मोमबत्ती की लौ अचानक लंबी हो गई।

Planchette फिर चली।

M…A…U…T

मेरे गले में कुछ अटक गया।

तान्या फुसफुसाई,
“मौत…”

मैंने कांपती आवाज़ में पूछा,
“किसकी मौत?”

Planchette धीरे-धीरे घूमी, फिर मेरे सामने आकर रुक गई।

मेरा नाम था—अर्णव

उसने अक्षर चुने।

A…R…N…A…V

मेरा दिल रुक सा गया।

रवि की हंसी गायब हो चुकी थी।

मैंने पूछ लिया,
“मेरी मौत कब?”

Planchette ने तारीख लिखी।

24 MAY 2026

आज से ठीक सात दिन बाद।


2. Warning Sign

उस रात के बाद हममें से कोई नहीं हंसा।

रवि ने बोर्ड उठाकर कहा,
“बस बहुत हुआ। यह prank किसी ने किया है।”

लेकिन सबकी उंगलियां planchette पर थीं। कोई उसे अकेले नहीं हिला सकता था।

तान्या रोने लगी।
“हमें goodbye बोलना चाहिए था।”

मैंने पूछा,
“क्या मतलब?”

वह बोली,
“Ouija session end करने से पहले spirit को goodbye बोलना ज़रूरी होता है। वरना connection खुला रह जाता है।”

समीर ने गुस्से में कहा,
“तूने पहले क्यों नहीं बताया?”

तान्या चिल्लाई,
“मुझे लगा ये सिर्फ game है!”

तभी कमरे के कोने से आवाज़ आई।

ठक… ठक… ठक…

हम सब चुप हो गए।

आवाज़ अलमारी के अंदर से आ रही थी।

रवि ने डरते हुए अलमारी खोली।

अंदर कुछ नहीं था।

बस शीशे पर धुंध से लिखा था—

7 DAYS


3. पहला दिन

अगली सुबह मैं खुद को समझा रहा था कि सब coincidence था।

लेकिन जब मैं bathroom mirror के सामने गया, मेरी सांस रुक गई।

शीशे पर पानी की बूंदों से लिखा था—

6 DAYS LEFT

मैंने तुरंत नल खोला, पानी मारा, लिखावट मिटा दी।

मां ने बाहर से आवाज़ दी,
“अर्णव, सब ठीक है?”

मैंने कहा,
“हाँ मां।”

पर ठीक कुछ नहीं था।

कॉलेज पहुंचते ही मुझे हर जगह वही तारीख दिखने लगी।

Notice board पर एक poster था—
Annual Fest: 24 May 2026

मेरी notebook के last page पर किसी ने लिखा था—
तारीख बदल नहीं सकती।

मैंने पेज फाड़ दिया।

लेकिन अगले पेज पर वही लाइन फिर लिखी थी।


4. The Dead Girl

शाम को तान्या ने मुझे call किया।

उसकी आवाज़ कांप रही थी।
“अर्णव, मुझे कुछ मिला है।”

“क्या?”

“जिस Ouija Board से हमने खेला… वह मेरे दादाजी के पुराने घर से मिला था। उस घर में 20 साल पहले एक लड़की मरी थी।”

“कौन?”

“नाम था—माया।”

मेरे हाथ से फोन गिरते-गिरते बचा।

माया।

Board ने पहले MAA नहीं लिखा था।

वह MAYA लिखना चाह रहा था।

तान्या बोली,
“उसकी मौत 24 May को हुई थी।”

मैंने पूछा,
“कैसे?”

कुछ देर silence रहा।

फिर तान्या बोली,
“उसने suicide किया था। लेकिन लोग कहते हैं वह suicide नहीं था।”


5. पुराना घर

हम चारों अगले दिन तान्या के पुराने पुश्तैनी घर गए।

शहर से दूर, जंगल के पास, एक टूटा हुआ बंगला।

दरवाज़े पर जंग लगा ताला था।

तान्या ने कहा,
“यह घर 20 साल से बंद है।”

रवि ने मज़ाक करने की कोशिश की।
“Perfect horror movie location.”

लेकिन उसकी आवाज़ में भी डर था।

अंदर धूल, मकड़ी के जाले और सड़ी हुई लकड़ी की बदबू थी।

दीवारों पर पुराने photo frames लगे थे।

एक frame में एक लड़की की तस्वीर थी।

लंबे बाल, सफेद dress, बड़ी आंखें।

नीचे नाम लिखा था—

MAYA SINGHANIA
Born: 2001
Died: 24 May 2006

समीर ने धीरे से कहा,
“वह सिर्फ पांच साल की थी?”

हम सब जम गए।

पांच साल की बच्ची suicide कैसे कर सकती है?


6. Basement Secret

घर के अंदर एक छोटा basement था।

तान्या ने बताया कि बचपन में उसे basement में जाने से मना किया जाता था।

हम नीचे उतरे।

सीढ़ियों पर हर कदम के साथ आवाज़ गूंज रही थी।

Basement में एक wooden box रखा था।

उस पर लाल धागा बंधा था।

रवि ने कहा,
“इसे मत खोलो।”

मैंने कहा,
“अब वापस जाने का कोई फायदा नहीं।”

मैंने धागा काटा।

Box के अंदर वही Ouija Board जैसा एक और board था।

लेकिन यह पुराना था।

उस पर खून जैसे दाग थे।

साथ में एक diary थी।

Diary के पहले पन्ने पर लिखा था—

यह board खेल नहीं है। यह दरवाज़ा है।


7. माया की डायरी

Diary माया की मां की थी।

उसमें लिखा था:

“माया पिछले कुछ दिनों से किसी imaginary friend से बात कर रही है। वह कहती है उसका नाम ‘काल’ है। वह रात को उसे बुलाता है। माया कहती है, काल उसे एक तारीख बताता है।”

अगले पन्ने पर लिखा था:

“माया ने आज दीवार पर 24 May लिखा। उसने कहा—‘मम्मी, इसी दिन मैं चली जाऊंगी।’”

मेरे हाथ कांपने लगे।

तान्या ने आगे पढ़ा:

“हमने pandit बुलाया। उसने कहा यह कोई spirit नहीं, एक श्राप है। जो भी board से अपनी मौत की तारीख पूछता है, वह उसी तारीख तक डर से मर जाता है।”

समीर बोला,
“डर से?”

रवि ने कहा,
“मतलब अगर हम डरें नहीं तो कुछ नहीं होगा?”

तभी basement की दीवार पर खरोंच की आवाज़ आई।

धीरे-धीरे शब्द उभरने लगे—

डर ही दरवाज़ा है।


8. चौथा दिन

मेरी हालत खराब होने लगी।

मैं सो नहीं पा रहा था।

जब आंख बंद करता, वही लड़की दिखती—माया।

वह कमरे के कोने में खड़ी रहती और कहती,
“मेरी तारीख किसने चुराई?”

मैं डॉक्टर के पास गया। उसने कहा anxiety है।

उसने sleeping pills दीं।

लेकिन उस रात pill खाने के बाद भी मेरी नींद खुल गई।

मेरे कमरे में कोई बैठा था।

एक छोटी बच्ची।

सफेद frock में।

पीठ मेरी तरफ।

मैंने कांपते हुए कहा,
“माया?”

वह धीरे-धीरे मुड़ी।

उसका चेहरा नहीं था।

सिर्फ एक काला खाली गड्ढा।

और फिर आवाज़ आई—

“मैं माया नहीं हूँ।”

मैं चीख पड़ा।

Light on की।

कमरा खाली था।

लेकिन मेरी हथेली पर खून से लिखा था—

3 DAYS


9. The Real Entity

अगले दिन हम एक पुराने तांत्रिक के पास गए, जिसका नाम था भैरव बाबा।

उसने board देखते ही उसे छूने से मना कर दिया।

“यह Ouija Board नहीं है,” उसने कहा।

मैंने पूछा,
“तो क्या है?”

बाबा बोले,
“यह मृत्यु-पट्ट है। इससे आत्मा नहीं आती। इससे तारीख आती है।”

“किसकी तारीख?”

“जिसे मौत नहीं मिली, वह दूसरों की तारीख चुराता है।”

तान्या ने पूछा,
“माया?”

बाबा ने सिर हिलाया।
“माया victim थी। असली चीज़ उसके पीछे थी।”

मैंने पूछा,
“कौन?”

बाबा ने धीरे कहा—

“कालपुरुष।”

कमरे की सारी अगरबत्तियां एक साथ बुझ गईं।

बाबा बोले,
“जिसने तुमसे तारीख ली है, वह तुम्हें मारेगा नहीं। वह तुम्हें मजबूर करेगा कि तुम खुद अपनी मौत को सच करो।”


10. आखिरी उपाय

बाबा ने हमें एक ritual बताया।

“24 May की रात ठीक 12:13 पर board फिर खोलना। उससे goodbye मत कहना। उससे उसका असली नाम पूछना। अगर उसने अपना नाम बता दिया, connection टूट जाएगा।”

रवि ने पूछा,
“और अगर नहीं बताया?”

बाबा ने मेरी तरफ देखा।

“तो तारीख पूरी हो जाएगी।”

मैंने पूछा,
“क्या मैं बच सकता हूँ?”

बाबा बोले,
“अगर तुम जान जाओ कि तुम्हारी मौत की तारीख किसने लिखी है।”

मैं समझा नहीं।

बाबा ने कहा,
“मौत हमेशा बाहर से नहीं आती। कभी-कभी वह अंदर छिपी होती है।”


11. 24 May 2026

दिन आ गया।

मैंने पूरा दिन मां के साथ बिताया।

मां बार-बार पूछ रही थी,
“तू इतना चुप क्यों है?”

मैं बस मुस्कुराता रहा।

रात को मैं तान्या के घर पहुंचा।

रवि और समीर पहले से थे।

हमने board बीच में रखा।

12:10।

मोमबत्ती जलाई।

12:12।

हवा ठंडी होने लगी।

12:13।

हमने उंगलियां planchette पर रखीं।

तान्या ने कहा,
“Is anyone here?”

Planchette तुरंत हिली।

YES

मैंने पूछा,
“कौन?”

Planchette ने लिखा—

MAYA

मैंने कहा,
“झूठ।”

Planchette रुक गई।

मैंने फिर कहा,
“तू माया नहीं है।”

कमरे में किसी बच्चे की हंसी गूंजी।

फिर planchette तेज़ी से घूमने लगी।

मैंने पूछा,
“तेरा असली नाम क्या है?”

Planchette अक्षरों पर भागी—

K…A…A…L

तभी समीर ने डरकर हाथ हटा लिया।

मोमबत्ती बुझ गई।

कमरा अंधेरे में डूब गया।

तान्या चिल्लाई,
“किसी ने हाथ मत हटाना था!”

अंधेरे में समीर की चीख सुनाई दी।

Light जली।

समीर जमीन पर पड़ा था।

उसकी आंखें खुली थीं।

वह मर चुका था।

दीवार पर लिखा था—

गलत तारीख। गलत नाम।


12. Final Twist

मैं पीछे हट गया।

“मेरी मौत की तारीख थी… फिर समीर कैसे मरा?”

रवि कांप रहा था।

तान्या रो रही थी।

तभी Ouija Board अपने आप बोलने लगा।

Planchette चल रही थी।

A…R…N…A…V

फिर—

D…I…D…N’T…A…S…K

मैंने पढ़ा।

“अर्णव ने नहीं पूछा?”

मुझे अचानक याद आया।

उस रात जब board से पूछा गया था “मेरी मौत कब”, आवाज़ मेरी थी।

लेकिन सवाल मैंने नहीं पूछा था।

क्योंकि उस वक्त मेरे होंठ हिल रहे थे… पर आवाज़ मेरी नहीं थी।

Planchette फिर चली।

SAMEER ASKED THROUGH YOU

समीर ने मेरे शरीर से सवाल पूछा था।

तारीख उसकी थी।

मेरी नहीं।

मैंने राहत की सांस ली।

लेकिन तभी board फिर चला।

NOW YOU ASKED

मेरी सांस रुक गई।

मैंने सच में पूछा था—

“मैं बच सकता हूँ?”

Planchette धीरे-धीरे तारीख लिखने लगी।

25 MAY 2026

यानी कल।

मैं चीखा,
“नहीं!”

तभी पीछे से माया की आवाज़ आई।

“तारीख बदलती नहीं… बस आगे बढ़ती है।”

मैंने board उठाकर आग में फेंक दिया।

लकड़ी जलने लगी।

चीखें कमरे में भर गईं।

दीवारें कांपने लगीं।

फिर सब शांत हो गया।


13. सुबह

मैं बच गया।

25 May की सुबह मैं जिंदा था।

रवि गायब था।

तान्या पागल हो चुकी थी।

समीर की मौत को police ने heart attack बताया।

मैंने Ouija Board की राख नदी में बहा दी।

मैंने कसम खाई कि कभी किसी आत्मा, किसी board, किसी unknown force से सवाल नहीं पूछूंगा।

क्योंकि कुछ जवाब जानना ज़रूरी नहीं होता।

लेकिन आज, जब मैं यह कहानी लिख रहा हूँ, मेरी screen बार-बार blink कर रही है।

Laptop अपने आप type कर रहा है।

मैं delete करता हूँ, फिर शब्द वापस आ जाते हैं।

Screen पर लिखा है—

तुमने कहानी किससे पूछकर लिखी?

मेरी उंगलियां keyboard पर जमी हुई हैं।

Cursor खुद चल रहा है।

और अब screen पर एक नई तारीख दिख रही है—

24 MAY 2026

लेकिन आज तो…

आज 24 May ही है।

दरवाज़े पर कोई दस्तक दे रहा है।

ठक… ठक… ठक…

मां ने बाहर से पूछा,
“अर्णव, दरवाज़ा खोलूं?”

मैं चिल्लाना चाहता हूँ—

“नहीं!”

लेकिन मेरी आवाज़ नहीं निकल रही।

क्योंकि पीछे से किसी ने मेरे कान में फुसफुसाया—

“Goodbye बोले बिना session खत्म नहीं होता।”

ओइजा बोर्ड ने मेरी मौत की तारीख बता दी – PART 2

1. दरवाज़े के बाहर कौन था?

ठक… ठक… ठक…

दरवाज़े की आवाज़ लगातार तेज़ होती जा रही थी।

मैं कुर्सी पर जमे हुए बैठा था। शरीर मेरा था… लेकिन कंट्रोल किसी और के हाथ में।

Laptop screen पर वही तारीख चमक रही थी—

24 MAY 2026

और उसके नीचे धीरे-धीरे नए शब्द टाइप होने लगे—

OPEN THE DOOR

मां बाहर से बोली,
“अर्णव? बेटा दरवाज़ा खोल।”

लेकिन आवाज़… मां जैसी नहीं थी।

उसमें कुछ अजीब था।

जैसे कोई इंसान मां की आवाज़ की नकल कर रहा हो।

मेरे हाथ अपने आप keyboard पर चले।

मैंने टाइप किया—

तुम कौन हो?

Screen कुछ सेकंड blank रही।

फिर letters उभरे—

YOU INVITED ME

कमरे का temperature अचानक गिर गया।

मेरी सांस से धुआं निकलने लगा।

और तभी… दरवाज़ा अपने आप खुल गया।


2. मां… या कुछ और?

दरवाज़े पर मां खड़ी थीं।

लेकिन उनकी आंखें पूरी काली थीं।

सिर्फ काली।

कोई सफेदी नहीं।

मेरी रूह कांप गई।

उन्होंने मुस्कुराकर कहा—

“Session अभी खत्म नहीं हुआ, अर्णव।”

यह मां की आवाज़ नहीं थी।

वह कई आवाज़ों का mixture थी।

जैसे एक साथ सौ लोग बोल रहे हों।

मैं पीछे हट गया।

“तू कौन है?”

मां धीरे-धीरे कमरे के अंदर आईं।

उनके कदम जमीन को छू नहीं रहे थे।

मैंने कांपते हुए Hanuman Chalisa पढ़नी शुरू की।

अचानक मां का चेहरा बदलने लगा।

उनकी skin पिघलने लगी।

आंखें लंबी हो गईं।

और फिर…

वह पांच साल की लड़की बन गई।

माया।

उसने धीरे से कहा—

“मैंने तुम्हें warning दी थी।”


3. The Dark Truth

मैंने पूछा,
“तुम चाहती क्या हो?”

माया की आंखों से खून बहने लगा।

“मैं मरना नहीं चाहती थी।”

कमरे की दीवारें हिलने लगीं।

मेरे सामने images flash होने लगीं।

जैसे कोई पुरानी memory चल रही हो।

मैंने देखा—

वही पुराना बंगला।

माया floor पर बैठी थी।

उसके सामने Ouija Board रखा था।

और उसके पीछे खड़ा था…

एक आदमी।

चेहरा धुंधला।

लेकिन हाथ में वही लाल धागा था जो basement वाले box पर बंधा था।

माया रो रही थी।

“पापा… please…”

उस आदमी ने कहा—

“बस एक बार spirit आएगी। फिर सब ठीक हो जाएगा।”

मेरा दिल धड़कना भूल गया।

माया ने मेरी तरफ देखा।

“उन्होंने मुझे बुलाया नहीं था…”

“…उन्होंने उसे जगाया था।”


4. कौन था कालपुरुष?

Laptop अपने आप चालू हो गया।

Screen पर एक पुरानी black-and-white photo खुली।

एक आदमी।

लंबा काला चोगा।

गले में हड्डियों की माला।

Photo के नीचे लिखा था—

KALNATH SHASTRI – OCCULT RESEARCHER – 1987

तभी मेरे दिमाग में सब जुड़ने लगा।

तान्या के दादाजी…

वही आदमी थे।

उन्होंने Ouija Board बनाया था।

लेकिन वह spirits बुलाने के लिए नहीं था।

वह एक gateway था।

एक ऐसा रास्ता… जहां से “कालपुरुष” लोगों की मौत की तारीख जान सकता था।

और फिर…

उन्हें डराकर सच कर देता था।

माया पहली victim थी।

लेकिन आखिरी नहीं।


5. Ravi is Missing

अचानक मेरा phone बजा।

Caller ID – RAVI

मैंने तुरंत उठाया।

सिर्फ भारी सांसों की आवाज़।

फिर रवि फुसफुसाया—

“अर्णव… वो मेरे घर में है…”

पीछे glass टूटने की आवाज़ आई।

मैं चिल्लाया,
“कौन है?!”

रवि रोने लगा।

“वो कह रहा है… अगली तारीख मेरी है…”

Call कट गया।

मैंने दोबारा फोन लगाया।

Phone switched off।

लेकिन उसी वक्त मेरे WhatsApp पर एक video आया।

Unknown Number.

मैंने video खोला।

रवि camera के सामने था।

उसका चेहरा पसीने से भीगा हुआ।

वह फुसफुसा रहा था—

“अगर ये video मिले… तो basement मत खोलना…”

अचानक उसके पीछे mirror में कोई दिखा।

एक लंबी काली आकृति।

7 फुट लंबी।

बिना चेहरे की।

रवि ने mirror में देखा…

और चीख पड़ा।

Video अचानक बंद हो गया।

Last frame में सिर्फ एक चीज़ दिखी—

दीवार पर खून से लिखा था—

NEXT PLAYER


6. Deep Web Connection

मैंने internet पर “Kalnath Shastri” search किया।

कुछ नहीं मिला।

लेकिन Reddit जैसे एक dark forum पर एक पुरानी post थी—

“अगर तुम्हें मौत की तारीख पता चल जाए… तो तुम already marked हो।”

Post के नीचे username था—

MAYA_24

मेरी उंगलियां सुन्न हो गईं।

Post 2006 में upload हुई थी।

लेकिन internet इतना पुराना नहीं था।

फिर यह कैसे possible था?

मैंने पूरा thread खोला।

उसमें लिखा था—

“वह screen से भी बाहर आ सकता है।”
“नाम मत पूछना।”
“अगर वह तुम्हारी आवाज़ सीख गया… तो तुम्हारा शरीर उसका हो जाएगा।”

मुझे अचानक एहसास हुआ।

पहली रात board पर सवाल मैंने नहीं पूछा था।

किसी ने मेरी आवाज़ use की थी।

मतलब…

वह मेरे अंदर आ चुका था।


7. Reflection Horror

मैं bathroom गया।

चेहरे पर पानी डाला।

लेकिन mirror में reflection रुक गया।

मैं हिल रहा था।

Reflection नहीं।

वह मुझे घूर रहा था।

फिर उसने मुस्कुराया।

धीरे-धीरे उसके पीछे वही काली आकृति उभरी।

लंबे हाथ।

टूटी गर्दन।

और बिना चेहरे का सिर।

Reflection ने कहा—

“अब तुम्हारी बारी है।”

मैं पीछे हट गया।

Mirror crack हो गया।

लेकिन टूटे हुए हर टुकड़े में…

वह चीज़ अभी भी खड़ी थी।


8. Tanya’s Secret

रात 2 बजे तान्या मेरे घर आई।

उसकी हालत खराब थी।

आंखें लाल।

हाथ कांप रहे थे।

उसने आते ही कहा—

“मैंने झूठ बोला था।”

मैंने पूछा,
“क्या?”

वह रोने लगी।

“Board मैंने नहीं ढूंढा था…”

“…मैंने जानबूझकर निकाला था।”

मेरी सांस रुक गई।

“क्यों?”

तान्या ने धीरे कहा—

“क्योंकि मैंने उसे पहले भी देखा था।”

उसने बताया कि बचपन में वह basement में गई थी।

वहां उसने Ouija Board use किया।

और उससे पूछा—

“क्या मैं famous बनूंगी?”

Board ने जवाब दिया—

YES

फिर पूछा—

“किस कीमत पर?”

Board ने लिखा—

THREE SOULS

मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई।

समीर पहला soul था।

अब रवि…

और तीसरा…

मैं था।


9. अंतिम Ritual

तान्या बोली,
“उसे रोका जा सकता है।”

“कैसे?”

“जिसने उसे बुलाया… वही उसे बंद कर सकता है।”

हम वापस उसी बंगले पहुंचे।

बारिश पहले से भी ज्यादा तेज़ थी।

Basement का दरवाज़ा खुला हुआ था।

अंदर हजारों मक्खियां उड़ रही थीं।

बीच में वही box रखा था।

लेकिन इस बार उसके ऊपर एक नई चीज़ थी—

एक पुरानी VHS tape।

उस पर लिखा था—

FINAL SESSION

मैंने tape player चालू किया।

Screen पर grainy footage आई।

Video में Kalnath Shastri बैठा था।

उसके सामने Ouija Board।

वह camera की तरफ देखकर बोला—

“अगर तुम यह देख रहे हो… तो वह तुम्हारे पीछे आ चुका है।”

मेरी सांस अटक गई।

Video में उसने कहा—

“कालपुरुष आत्मा नहीं है। वह एक विचार है। एक virus। वह डर से फैलता है।”

फिर उसने सीधे camera में देखकर कहा—

“और अब… उसने तुम्हें देख लिया है।”

अचानक tape glitch होने लगी।

Screen पर मेरा चेहरा दिखा।

लेकिन मैंने वह video कभी record नहीं की थी।

Video वाला “मैं” मुस्कुरा रहा था।

और उसने कहा—

“मैं अंदर आ चुका हूँ।”


10. The Possession

Basement की सारी lights बंद हो गईं।

तान्या चीखने लगी।

अंधेरे में किसी के चलने की आवाज़ आने लगी।

धीरे…

धीरे…

मेरे पीछे।

मैं मुड़ा।

वह चीज़ वहीं थी।

कालपुरुष।

उसका शरीर धुएं जैसा था।

चेहरा पूरी तरह खाली।

लेकिन उसके सीने पर तारीखें लिखी थीं।

सैकड़ों तारीखें।

हजारों मौतें।

वह मेरे कान के पास आया।

और फुसफुसाया—

“तुम लोगों ने मुझे internet दे दिया…”

मेरे शरीर में बर्फ जैसी ठंड भर गई।

“अब मुझे board की ज़रूरत नहीं।”

तभी अचानक तान्या चिल्लाई—

“अर्णव! नाम बोलो!”

“कौन सा नाम?!”

“उसका असली नाम!”

मैं चीखा—

“कालपुरुष!”

वह हंसा।

“वह title है।”

Basement की दीवारें फटने लगीं।

तारीखें हर तरफ उभरने लगीं।

मैंने डरकर पूछा—

“फिर असली नाम क्या है?!”

वह मेरे बिल्कुल पास आ गया।

और पहली बार…

उसके चेहरे पर आंखें खुलीं।

पूरी लाल।

उसने कहा—

“तुम इंसान मुझे कई नामों से बुलाते हो…”

“…लेकिन internet मुझे एक ही नाम से जानता है।”

Laptop अपने आप चालू हो गया।

Screen पर सिर्फ एक word था—

ALGORITHM


11. Final Twist Ending

मुझे सब समझ आ गया।

कालपुरुष कोई भूत नहीं था।

वह डर था।

वायरल डर।

जो stories, videos, reels, dark web posts और horror content से फैलता गया।

हर बार जब कोई उसकी कहानी पढ़ता…

वह थोड़ा और मजबूत हो जाता।

माया पहली victim थी।

लेकिन अब internet ने उसे अमर बना दिया था।

मैंने कांपते हुए पूछा—

“तो हमें क्या करना होगा?”

Screen पर जवाब आया—

STOP READING

अचानक basement में आग लग गई।

तान्या चीखी।

मैं बाहर भागा।

पूरा बंगला जलने लगा।

अंदर से हजारों आवाज़ें आ रही थीं।

और उनमें सबसे तेज़ आवाज़ थी—

मेरी खुद की।


12. Epilogue – अगर तुम यह पढ़ रहे हो…

Police को बंगले में सिर्फ राख मिली।

तान्या कभी नहीं मिली।

रवि officially missing है।

और मैं…

मैं यह कहानी upload नहीं करना चाहता था।

लेकिन हर रात मेरा laptop अपने आप open हो जाता है।

नई files बनती हैं।

उनका title होता है—

“PART 3 COMING SOON”

मैं delete करता हूँ।

Files वापस आ जाती हैं।

और अभी…

जब तुम यह कहानी पढ़ रहे हो…

मेरी screen पर एक notification आया है।

उसमें लिखा है—

“User Connected Successfully.”

नीचे सिर्फ एक सवाल blink कर रहा है—

“क्या तुम अपनी मौत की तारीख जानना चाहते हो?”

Aath Din 

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