रात के ठीक 2 बजे उसकी नींद मोबाइल की हल्की vibration से टूटी। कमरे में पूरा अंधेरा था। सिर्फ खिड़की के बाहर से आती हवा की आवाज सुनाई दे रही थी। दीवार पर लगी घड़ी लगातार टिक-टिक कर रही थी और उस सन्नाटे में वही आवाज अजीब तरह से भारी लग रही थी।
उसने आधी बंद आंखों से फोन उठाया। Midnight Horror Story
स्क्रीन पर Telegram notification चमक रहा था।

“New Message from Unknown User”
पहले तो उसे लगा कोई random spam होगा। लेकिन जैसे ही उसने sender का नाम देखा, उसकी नींद एक सेकंड में गायब हो गई।
नाम लिखा था—
“Main Wapas Aa Gayi”
उसके सीने में अचानक अजीब-सी घबराहट उठी।
उसने तुरंत chat खोली।
पहला message था—
“सो मत… मैं तुम्हारे कमरे में हूँ।”
वो झटके से उठकर बैठ गया।
कमरे में चारों तरफ नजर दौड़ाई। सामने study table, कोने में बैग, कुर्सी पर फेंकी हुई jacket… सब कुछ normal था।
लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों कमरे की हवा अचानक बहुत ठंडी लगने लगी थी।
उसने खुद को समझाया।
“कोई बेवकूफ prank कर रहा है…”
तभी दूसरा message आया—
“Prank नहीं है।”
अब उसके हाथ सच में कांपने लगे।
क्योंकि उसने अपना नाम कहीं लिखा ही नहीं था… फिर भी अगले ही message में उसका नाम था।
फोन की light उसके चेहरे पर पड़ रही थी और उसे महसूस हो रहा था कि उसकी heartbeat धीरे-धीरे तेज होती जा रही है।
उसने profile खोली।
पूरी काली DP।
Bio में सिर्फ एक line—
“जिसे तुम भूल गए… वो तुम्हें नहीं भूली।”
और उसी पल उसके दिमाग में एक चेहरा आया।
मीरा।
दो साल पहले मर चुकी मीरा।
उसने जल्दी से reply किया—
“कौन हो तुम?”
तुरंत typing शुरू हुई।
“तुम्हें सच याद दिलाने वाली।”
उसका गला सूख गया।
उसने chat delete करनी चाही, लेकिन phone hang हो गया। screen freeze हो गई।
फिर अचानक अपने आप एक audio message चलने लगा।
पहले सिर्फ सन्नाटा था।
फिर बहुत धीमी आवाज आई—
“दरवाजा मत खोलना…”
उसकी रीढ़ में जैसे बर्फ उतर गई।
वो आवाज मीरा की थी।
बिल्कुल वैसी ही।
उसी समय कमरे के बाहर हल्की knock हुई।
टक…
टक…
टक…
उसकी सांस अटक गई।
घर में वो पूरी तरह अकेला था। माता-पिता गांव गए हुए थे।
फोन फिर vibrate हुआ।
“मैं बाहर नहीं हूँ।”
उसने डरते हुए reply किया—
“तो फिर कहां हो?”
कुछ seconds तक सिर्फ typing दिखाई देती रही।
फिर message आया—
“पीछे।”
उसका पूरा शरीर सुन्न पड़ गया।
वो धीरे-धीरे पीछे मुड़ा।
कमरे में कोई नहीं था।
लेकिन study table पर रखी notebook अब खुली हुई थी।
उस पर लाल ink से लिखा था—
“उस रात तुमने मुझे अकेला छोड़ दिया था।”
उसके मुंह से हल्की चीख निकल गई।
क्योंकि notebook पहले बंद थी।
और लाल pen उसके कमरे में था ही नहीं।
उसी समय कमरे की light flicker होने लगी।
एक पल के लिए पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।
जब light वापस आई, तो सामने लगे mirror पर धुंध जमी हुई थी।
और उस धुंध पर किसी ने उंगली से लिखा था—
“Confess.”
अब उसे सब याद आने लगा।
दो साल पहले college party के बाद मीरा ने उसे call किया था।
वो रो रही थी।
बहुत डरी हुई लग रही थी।
“Please आ जाओ… कोई मेरा पीछा कर रहा है…”
लेकिन उस रात उसने call seriously नहीं लिया।
दोस्तों के साथ था। irritate हो गया था।
उसने कहा—
“Drama मत करो… घर चली जाओ।”
वो उनकी आखिरी बातचीत थी।
अगली सुबह मीरा की body old bridge के नीचे मिली थी।
Police ने suicide मानकर case बंद कर दिया।
लेकिन सच इतना simple नहीं था।
मीरा का पीछा उसका दोस्त कबीर कर रहा था।
और वो सब जानता था।
फिर भी चुप रहा।
शायद डर की वजह से।
शायद इसलिए क्योंकि कबीर उसका दोस्त था।
या शायद इसलिए क्योंकि उसे लगा था मामला अपने आप खत्म हो जाएगा।
लेकिन कुछ चीजें खत्म नहीं होतीं।
फोन फिर vibrate हुआ।
“अब भी चुप रहोगे?”
उसकी आंखों में आंसू आ गए।
“मुझे माफ कर दो…”
Typing…
फिर message आया—
“माफी मुझे नहीं… सच को चाहिए।”
उसी पल कमरे की अलमारी अपने आप खुल गई।
अंदर से एक नीली scarf नीचे गिरी।
वही scarf जो मीरा हमेशा पहना करती थी।
उसका दिल जैसे रुक गया।
“ये यहां कैसे आई…?”
तभी Telegram voice call आने लगी।
Caller Name:
Meera
उसने डरते हुए फोन उठाया।
कुछ seconds सिर्फ भारी सांसों की आवाज आती रही।
फिर बहुत धीमी आवाज सुनाई दी—
“वो अभी भी नहीं रुका…”
उसने कांपती आवाज में पूछा—
“कौन?”
“कबीर…”
Midnight Horror Story
अब उसके अंदर बेचैनी और बढ़ गई।
फिर दूसरी तरफ से आवाज आई—
“इस बार वो रिया के पीछे है…”
रिया।
उसकी छोटी बहन।
उसने तुरंत रिया को call किया।
Phone switched off.
उसने घबराकर Instagram खोला।
कबीर की story लगी हुई थी।
रिया के college gate की photo।
Caption—
“New Friend :)”
उस पल उसके अंदर का डर गुस्से में बदल गया।
Telegram पर फिर message आया—
“इस बार देर मत करना।”
उसने बिना समय गंवाए jacket उठाई और बाहर निकल गया।
लेकिन जैसे ही उसने main door खोला…
hallway में कोई खड़ा था।
सफेद भीगे कपड़े।
चेहरे पर गीले बाल चिपके हुए।
वो वहीं जम गया।
धीरे-धीरे वो आकृति ऊपर देखने लगी।
चेहरा मीरा का था।
लेकिन आंखें वैसी नहीं थीं जैसी किसी इंसान की होती हैं।
उनमें सिर्फ दर्द था।
और बहुत गहरा गुस्सा।
मीरा ने कुछ नहीं कहा।
बस धीरे से दीवार की तरफ इशारा किया।
दीवार पर गीले लाल निशानों से लिखा था—
“OLD BRIDGE”
और अगले ही पल hallway खाली था।
जैसे वहां कोई था ही नहीं।
रात के करीब ढाई बजे वो old bridge पहुंचा।
पूरा इलाका सुनसान था।
हवा इतनी ठंडी थी कि हाथ सुन्न हो रहे थे।
दूर एक car खड़ी थी।
Car के अंदर रिया बेहोश पड़ी थी।
और बाहर कबीर खड़ा था।
उसे देखते ही कबीर हंसने लगा।
“तू फिर आ गया?”
उसका गुस्सा फट पड़ा।
“मीरा को तूने मारा था!”
कबीर मुस्कुराया।
“मारना नहीं पड़ा। डर के मारे खुद भागी… और bridge से गिर गई।”
फिर धीरे से बोला—
“लेकिन वजह मैं था।”
उसने चुपचाप phone recording चालू कर रखी थी।
कबीर बोलता गया।
और सालों से दबा सच बाहर आता गया।
तभी अचानक bridge की lights blink करने लगीं।
हवा बहुत तेज़ हो गई।
कबीर ने पीछे देखा…
और उसका चेहरा सफेद पड़ गया।
Bridge के किनारे कोई खड़ा था।
मीरा।
इस बार पहले से ज्यादा डरावनी।
भीगे कपड़े।
चेहरे से टपकता पानी।
और सीधी कबीर की तरफ देखती खाली आंखें।
कबीर पीछे हटने लगा।
“नहीं… नहीं… तू मर चुकी है…”
हवा में धीमी आवाज गूंजी—
“और तू सच से भाग रहा है…”
उसी समय उसका पैर फिसला और वो railing से टकरा गया।
उसने मौका देखकर रिया को car से बाहर निकाला।
वो जिंदा थी… बस बेहोश।
उसने तुरंत police को recording और location भेज दी।
फोन फिर vibrate हुआ।
Telegram message—
“इस बार तुमने देर नहीं की।”
उसकी आंखें भर आईं।
उसने कांपते हाथों से लिखा—
“क्या अब सब खत्म हो गया?”
काफी देर तक सिर्फ typing दिखाई देती रही।
फिर आखिरी reply आया—
“जहां सच दबाया जाता है… मैं लौट आती हूँ।”
और उसी पल पूरी chat गायब हो गई।
Profile delete।
Messages delete।
जैसे कुछ था ही नहीं।
Bridge पर खड़ी मीरा की आकृति धीरे-धीरे धुंध में बदल गई।
कुछ देर बाद police पहुंच गई।
कबीर गिरफ्तार हुआ।
रिया को hospital ले जाया गया।
और सालों बाद पहली बार…
मीरा की मौत का सच सामने आया।
लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई।
कुछ महीनों बाद जिंदगी धीरे-धीरे normal होने लगी।
उसने Telegram delete कर दिया।
अब वो रात को phone silent रखकर सोता था।
लेकिन एक रात…
फिर ठीक 2 बजे…
उसका phone vibrate हुआ।
उसकी आंख खुली।
कमरे में वही ठंडी हवा थी।
उसने डरते हुए phone उठाया।
Telegram फिर install था।
Screen पर notification चमक रहा था—
“New Message from Unknown User”
नाम लिखा था—
“Tumne Ek Sach Bataya… Ab Dusra Suno.”
उसका दिल जोर से धड़कने लगा।
उसने message खोला।
लिखा था—
“मीरा अकेली नहीं मरी थी…”
और उसी पल पूरे कमरे की light बंद हो गई।
Read more about Telegram Messenger