Karva Chauth Horror Story in Hindi
अक्टूबर की हल्की ठंड शुरू हो चुकी थी। पूरे शहर में करवा चौथ की तैयारियाँ कई दिनों से चल रही […]
Paranormal activities, black magic, ghosts, spirits, and supernatural horror stories in Hindi.
अक्टूबर की हल्की ठंड शुरू हो चुकी थी। पूरे शहर में करवा चौथ की तैयारियाँ कई दिनों से चल रही […]
शहर के बीचों-बीच स्थित “रंगमहल ऑडिटोरियम” कभी देश के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों में गिना जाता था। यहां बड़े-बड़े शास्त्रीय
सुबह के नौ बज रहे थे। शहर के सबसे बड़े रियल एस्टेट एक्सपो में इतनी भीड़ थी कि हर स्टॉल
जुलाई का महीना शुरू होते ही पूरे शहर का मिजाज बदल गया था। लगातार तीन दिनों से बादल बिना रुके
रात के लगभग सवा ग्यारह बज रहे थे। शहर की भीड़भाड़ धीरे-धीरे खत्म हो चुकी थी। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन
कभी-कभी किसी जगह का डर वहां हुई किसी एक घटना से नहीं बनता, बल्कि उन अनगिनत बातों से बनता है
दिन में देवपुरा गांव बिल्कुल साधारण दिखाई देता था। मिट्टी के घर, पुराने पीपल और बरगद के पेड़, खेतों के
कभी-कभी इंसान किसी चीज़ को इसलिए खरीद लेता है क्योंकि वह दुर्लभ होती है। बाद में उसे समझ आता है
शहर से लगभग पंद्रह किलोमीटर दूर बहने वाली काली नदी पर बना वह पुराना पुल अब किसी सरकारी नक्शे में
कहानी 1: बारिश वाली रात की आखिरी कैब दिल्ली में उस रात बारिश अचानक शुरू हुई थी। दिनभर उमस थी,