Old House Totka Horror Story, हिंदी डरावनी कहानी
बरसात का मौसम खत्म हुए मुश्किल से दो हफ्ते हुए थे। गांव की कच्ची गलियों में अभी भी जगह-जगह नमी […]
Paranormal activities, black magic, ghosts, spirits, and supernatural horror stories in Hindi.
बरसात का मौसम खत्म हुए मुश्किल से दो हफ्ते हुए थे। गांव की कच्ची गलियों में अभी भी जगह-जगह नमी […]
जनवरी की उस रात कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में तापमान शून्य से बारह डिग्री नीचे जा चुका था। चारों ओर
पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में गर्मी केवल मौसम नहीं होती। वह दीवारों, छतों और बंद खिड़कियों में घुसकर बैठ
अक्टूबर की हल्की ठंड शुरू हो चुकी थी। पूरे शहर में करवा चौथ की तैयारियाँ कई दिनों से चल रही
शहर के बीचों-बीच स्थित “रंगमहल ऑडिटोरियम” कभी देश के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों में गिना जाता था। यहां बड़े-बड़े शास्त्रीय
सुबह के नौ बज रहे थे। शहर के सबसे बड़े रियल एस्टेट एक्सपो में इतनी भीड़ थी कि हर स्टॉल
जुलाई का महीना शुरू होते ही पूरे शहर का मिजाज बदल गया था। लगातार तीन दिनों से बादल बिना रुके
रात के लगभग सवा ग्यारह बज रहे थे। शहर की भीड़भाड़ धीरे-धीरे खत्म हो चुकी थी। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन
कभी-कभी किसी जगह का डर वहां हुई किसी एक घटना से नहीं बनता, बल्कि उन अनगिनत बातों से बनता है
दिन में देवपुरा गांव बिल्कुल साधारण दिखाई देता था। मिट्टी के घर, पुराने पीपल और बरगद के पेड़, खेतों के